लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट नवाबों के शहर की निर्भीक आवाज माने जाने वाले लखनऊ केसरी की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। वायरल हुए वीडियो को प्रमुखता स प्रमुखता से उठाए गए पर्यटन विभाग के रिश्वत कांड मामले में आखिरकार प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।पर्यटन विभाग के उप निदेशक कल्याण सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मंगलवार को उनका रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था, जिसे ‘लखनऊ केसरी’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर सामने आने के बाद शासन और विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया।मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें आरोपों के प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर पर्यटन निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया।सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण को उजागर करने में मीडिया की सक्रिय भूमिका अहम रही। ‘लखनऊ केसरी’ ने इस खबर को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, जिसके बाद तेजी से कार्रवाई संभव हो सकी।सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, वहीं आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि अब शिकायतों और भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
‘लखनऊ केसरी’ की खबर का बड़ा असर, रिश्वत कांड में उप निदेशक कल्याण सिंह निलंबित
लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट नवाबों के शहर की निर्भीक आवाज माने जाने वाले लखनऊ केसरी की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। वायरल हुए वीडियो को प्रमुखता स प्रमुखता से उठाए गए पर्यटन विभाग के रिश्वत कांड मामले में आखिरकार प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।पर्यटन विभाग के उप निदेशक कल्याण सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मंगलवार को उनका रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था, जिसे ‘लखनऊ केसरी’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर सामने आने के बाद शासन और विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया।मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें आरोपों के प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर पर्यटन निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया।सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण को उजागर करने में मीडिया की सक्रिय भूमिका अहम रही। ‘लखनऊ केसरी’ ने इस खबर को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, जिसके बाद तेजी से कार्रवाई संभव हो सकी।सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, वहीं आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि अब शिकायतों और भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।



