लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट
लखनऊ। मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण अपलोड न करने वाले राज्य कर्मचारियों के खिलाफ अब विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कार्मिक विभाग की ओर से जारी शासनादेश में सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें और इसकी सूचना शासन को उपलब्ध कराएं। इसके बाद ही संबंधित कर्मचारियों का लंबित वेतन जारी किया जाएगा।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अब तक संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया है।कार्मिक विभाग के अनुसार, प्रदेश में लगभग 5,000 कर्मचारियों का वेतन पिछले चार महीनों से लंबित है। इन कर्मचारियों का मार्च माह से वेतन रोका गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति विवरण उपलब्ध कराने और विभागीय रिपोर्ट मिलने के बाद ही वेतन जारी करने पर विचार किया जाएगा।विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। शासनादेश के बाद अब विभिन्न विभागों में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।



