Sunday, June 21, 2026

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जमीनी विवाद में बेखौफ दबंगों का तांडव, भाजपा नेता से मारपीट, साथी का अपहरण कर पिस्टल छीनने का आरोप थाने में भी हंगामा वीडियो वायरल……

मोहनलालगंज, लखनऊ। प्रदेश सरकार जहां अपराधियों और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में दबंगों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। जमीन विवाद को लेकर भाजपा नेता हंसराज रावत से मारपीट, उनके साथी के कथित अपहरण, लाइसेंसी पिस्टल और मोबाइल छीनने तथा कोतवाली परिसर में खुलेआम धमकी देने की घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के पद्मिनीखेड़ा निवासी भाजपा नेता हंसराज रावत के अनुसार शुक्रवार दोपहर वह हुलासखेड़ा स्थित अपनी प्लाटिंग साइट पर काम करा रहे थे। इसी दौरान दो गाड़ियों से पहुंचे कुछ लोगों ने खुद को एसटीएफ कर्मी बताते हुए बातचीत शुरू की। आरोप है कि एक व्यक्ति ने उनके चेहरे पर कोई स्प्रे कर दिया, जिसके बाद कई अन्य वाहनों से पहुंचे लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर मारपीट की। हमलावर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें गाड़ी में डालकर नहर में फेंकने और जान से मारने की धमकी देने लगे।भाजपा नेता का आरोप है कि उन्हें बचाने पहुंचे उनके साथी कौशल मिश्रा को भी दबंगों ने पीटा और जबरन वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए। इस दौरान उनकी लाइसेंसी पिस्टल संख्या-15122, 14 कारतूस और मोबाइल फोन छीन लिया गया, जबकि कौशल मिश्रा का मोबाइल भी कब्जे में ले लिया गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि किसी तरह आरोपितों के चंगुल से छूटने के बाद जब वे मोहनलालगंज कोतवाली पहुंचे तो वहां भी दबंगों ने प्रभारी निरीक्षक के सामने ही खुलेआम धमकियां दीं। इतना ही नहीं, भाजपा नेता के भाई के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के दौरान हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कोतवाली परिसर में बहस और धमकी का माहौल दिखाई पड़ रहा है।पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय भाजपा नेता के साथी कौशल मिश्रा को ही घंटों कोतवाली में बैठाए रखा, जबकि पीड़ित लगातार कार्रवाई की मांग करते रहे। इसे लेकर भाजपा समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।हंसराज रावत ने अपनी तहरीर में सिद्धार्थ शर्मा, अयोध्यापाल, कासिफ अहमद और अमित समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से प्राप्त तथ्यों एवं वायरल वीडियो के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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जमीनी विवाद में बेखौफ दबंगों का तांडव, भाजपा नेता से मारपीट, साथी का अपहरण कर पिस्टल छीनने का आरोप थाने में भी हंगामा वीडियो वायरल……

मोहनलालगंज, लखनऊ। प्रदेश सरकार जहां अपराधियों और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में दबंगों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। जमीन विवाद को लेकर भाजपा नेता हंसराज रावत से मारपीट, उनके साथी के कथित अपहरण, लाइसेंसी पिस्टल और मोबाइल छीनने तथा कोतवाली परिसर में खुलेआम धमकी देने की घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के पद्मिनीखेड़ा निवासी भाजपा नेता हंसराज रावत के अनुसार शुक्रवार दोपहर वह हुलासखेड़ा स्थित अपनी प्लाटिंग साइट पर काम करा रहे थे। इसी दौरान दो गाड़ियों से पहुंचे कुछ लोगों ने खुद को एसटीएफ कर्मी बताते हुए बातचीत शुरू की। आरोप है कि एक व्यक्ति ने उनके चेहरे पर कोई स्प्रे कर दिया, जिसके बाद कई अन्य वाहनों से पहुंचे लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर मारपीट की। हमलावर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें गाड़ी में डालकर नहर में फेंकने और जान से मारने की धमकी देने लगे।भाजपा नेता का आरोप है कि उन्हें बचाने पहुंचे उनके साथी कौशल मिश्रा को भी दबंगों ने पीटा और जबरन वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए। इस दौरान उनकी लाइसेंसी पिस्टल संख्या-15122, 14 कारतूस और मोबाइल फोन छीन लिया गया, जबकि कौशल मिश्रा का मोबाइल भी कब्जे में ले लिया गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि किसी तरह आरोपितों के चंगुल से छूटने के बाद जब वे मोहनलालगंज कोतवाली पहुंचे तो वहां भी दबंगों ने प्रभारी निरीक्षक के सामने ही खुलेआम धमकियां दीं। इतना ही नहीं, भाजपा नेता के भाई के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के दौरान हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कोतवाली परिसर में बहस और धमकी का माहौल दिखाई पड़ रहा है।पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय भाजपा नेता के साथी कौशल मिश्रा को ही घंटों कोतवाली में बैठाए रखा, जबकि पीड़ित लगातार कार्रवाई की मांग करते रहे। इसे लेकर भाजपा समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।हंसराज रावत ने अपनी तहरीर में सिद्धार्थ शर्मा, अयोध्यापाल, कासिफ अहमद और अमित समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से प्राप्त तथ्यों एवं वायरल वीडियो के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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