लातूर के डॉक्टर और पुणे के कोचिंग फैकल्टी की गिरफ्तारी, छात्रों तक प्रश्न पहुंचाने में निभाई थी अहम भूमिका
आकाश दीप अवस्थी – लखनऊ केसरी
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई तेज करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 13 हो गई है। CBI लगातार इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए पूरे गिरोह का खुलासा करने में जुटी है।CBI के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में लातूर निवासी डॉ. मनोज शिरुरे शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि शिरुरे ने एक कोचिंग सेंटर संचालक (जो पहले से आरोपी है) के बेटे समेत तीन छात्रों को केमिस्ट्री विषय के प्रश्न उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बताया जा रहा है कि ये प्रश्न आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से प्राप्त किए गए थे।वहीं, दूसरे आरोपी के रूप में तेजस हर्षदकुमार शाह को गिरफ्तार किया गया है, जो पुणे स्थित ‘डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी’ (APMA) में फिजिक्स फैकल्टी के तौर पर कार्यरत है। CBI के मुताबिक, शाह को परीक्षा के लीक हुए फिजिक्स के प्रश्न पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार के माध्यम से मिले थे, जिन्हें आगे छात्रों तक पहुंचाया गया।जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है, जिसमें कोचिंग सेंटर संचालक, शिक्षक और अन्य बिचौलिए शामिल हैं। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक का दायरा कितना व्यापक था और इसमें और किन लोगों की संलिप्तता हो सकती है।गौरतलब है कि NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र हर साल भाग लेते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।CBI ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



