Thursday, May 28, 2026

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डिजिटल युग में जनगणना की नई शुरुआत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से की ‘स्व-गणना’, प्रदेशवासियों से की भागीदारी की अपील

लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट

गोरखपुर। देश में जनगणना के पहले चरण को डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से पूरा किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ जनगणना जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को भी तकनीकी रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है। डिजिटल स्व-गणना से जहां एक ओर लोगों को घर बैठे सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने इसे ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक मजबूत पहल बताते हुए कहा कि इससे प्रशासनिक योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का निर्माण करती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए बेहद आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे डिजिटल माध्यम से स्वयं और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करें और इस राष्ट्रीय कर्तव्य का निर्वहन करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है, जिससे हर वर्ग का व्यक्ति आसानी से इसमें भाग ले सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्व-गणना प्रणाली से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि डेटा संग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनेगी। इससे भविष्य की नीतियों और योजनाओं को और अधिक सटीकता के साथ तैयार किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि पारंपरिक रूप से जनगणना के लिए सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करते थे, लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक स्वयं भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह बदलाव प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य बिंदु : योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से डिजिटल स्व-गणना की शुरुआत कीलोगों से ऑनलाइन माध्यम से भागीदारी की अपील जनगणना को विकास की आधारशिला बताया डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता, सटीकता और सुविधा में वृद्धि l

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डिजिटल युग में जनगणना की नई शुरुआत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से की ‘स्व-गणना’, प्रदेशवासियों से की भागीदारी की अपील

लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट

गोरखपुर। देश में जनगणना के पहले चरण को डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से पूरा किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ जनगणना जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को भी तकनीकी रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है। डिजिटल स्व-गणना से जहां एक ओर लोगों को घर बैठे सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने इसे ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक मजबूत पहल बताते हुए कहा कि इससे प्रशासनिक योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का निर्माण करती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए बेहद आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे डिजिटल माध्यम से स्वयं और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करें और इस राष्ट्रीय कर्तव्य का निर्वहन करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है, जिससे हर वर्ग का व्यक्ति आसानी से इसमें भाग ले सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्व-गणना प्रणाली से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि डेटा संग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनेगी। इससे भविष्य की नीतियों और योजनाओं को और अधिक सटीकता के साथ तैयार किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि पारंपरिक रूप से जनगणना के लिए सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करते थे, लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक स्वयं भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह बदलाव प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य बिंदु : योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से डिजिटल स्व-गणना की शुरुआत कीलोगों से ऑनलाइन माध्यम से भागीदारी की अपील जनगणना को विकास की आधारशिला बताया डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता, सटीकता और सुविधा में वृद्धि l

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