लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट
लखनऊ। राजधानी की व्यस्ततम सड़कों में शुमार रायबरेली रोड पर लगातार हो रहे हादसों के बावजूद National Highways Authority of India (NHAI) की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। हरिकंसगढ़ी के पास बने एक खतरनाक कट ने अब ‘मौत का कट’ का रूप ले लिया है, जहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।हाल ही में इसी स्थान पर एक दर्दनाक हादसे में एक दरोगा की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि वह अपनी ड्यूटी के दौरान जा रहे थे, तभी गलत दिशा से आ रहे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना को अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता है, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस कट से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ भारी वाहन जैसे ट्रक भी धड़ल्ले से रॉन्ग साइड पर चढ़कर रिंग रोड की ओर निकल जाते हैं। इससे सही दिशा में आ रहे वाहनों के साथ आमने-सामने की टक्कर का खतरा लगातार बना रहता है।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौके पर न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत (signage) मौजूद हैं और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है। ट्रैफिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही।स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी NHAI ने इस खतरनाक कट को बंद करने या सुरक्षित बनाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अनियंत्रित कट और रॉन्ग साइड ड्राइविंग किसी भी हाईवे के लिए अत्यंत खतरनाक होते हैं। ऐसे स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग, स्पीड कंट्रोल उपाय और कड़ी निगरानी की आवश्यकता होती है।
मुख्य बिंदु
हरिकंसगढ़ी के पास खतरनाक कट बना हादसों की वजह
एक सप्ताह पहले दरोगा की दर्दनाक मौत
रॉन्ग साइड पर दौड़ रहे दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन NHAI की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों में आक्रोश, जल्द कार्रवाई की मांग



