Thursday, May 28, 2026

National

spot_img

देश में पेट्रोल-डीजल महंगा, आज से नई कीमतें लागू

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। पेट्रोल की कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ी हुई कीमतें आज से लागू कर दी गई हैं।इंडियन ऑयल द्वारा जारी नए रेट के मुताबिक राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर था।ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम जनता पर महंगाई का असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और अंडर रिकवरी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके मुताबिक कंपनियों को रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जबकि कुल अंडर रिकवरी लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें पहले 64-65 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर करीब 115 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने वर्ष 2022 के बाद से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की थी।

International

spot_img

देश में पेट्रोल-डीजल महंगा, आज से नई कीमतें लागू

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। पेट्रोल की कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ी हुई कीमतें आज से लागू कर दी गई हैं।इंडियन ऑयल द्वारा जारी नए रेट के मुताबिक राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर था।ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम जनता पर महंगाई का असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और अंडर रिकवरी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके मुताबिक कंपनियों को रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जबकि कुल अंडर रिकवरी लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें पहले 64-65 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर करीब 115 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने वर्ष 2022 के बाद से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की थी।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES