मुरादाबाद : लखनऊ केसरी से मनोज कुमार विश्नोई की रिपोर्ट
मुरादाबाद। शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों में शुमार कांठ रोड पर स्कूलों की छुट्टी के समय रोजाना लगने वाला जाम अब बड़ी समस्या का रूप ले चुका है। सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित पांच बड़े स्कूलों की छुट्टी लगभग एक ही समय पर होने से अचानक वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है, जिसके चलते सड़क पर लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं और यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है।छुट्टी के दौरान बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेने कार, स्कूटी और मोटरसाइकिल से पहुंचते हैं। सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग, स्कूल गेट के बाहर भीड़, यू-टर्न प्वाइंट्स पर अव्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की सीमित मौजूदगी के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है। कई बार जाम इतना गंभीर हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। रोजाना पीक ऑवर में लोगों को 20 से 30 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि एंबुलेंस, स्कूल बसें और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी इस जाम में फंस जाते हैं, जिससे आपात स्थिति में गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई अभिभावक ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क के बीच में ही वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे रास्ता और संकरा हो जाता है। वहीं, कुछ वाहन गलत दिशा में चलकर स्थिति को और अधिक जटिल बना देते हैं।नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सुझावों में स्कूलों की छुट्टी का समय अलग-अलग (staggered timing) करना, स्कूलों के बाहर नो-पार्किंग जोन लागू करना, अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्ग (डायवर्जन) की व्यवस्था शामिल हैं।ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समस्या को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही एक नई यातायात योजना लागू की जाएगी। इसके तहत स्कूल टाइम में विशेष निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और यातायात नियंत्रण के लिए जरूरी बदलाव किए जाएंगे।फिलहाल, रोजाना लगने वाला यह जाम न सिर्फ राहगीरों की परेशानी बढ़ा रहा है, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।



