मुरादाबाद : लखनऊ केसरी से मनोज कुमार बिश्नोई की रिपोर्ट
मुरादाबाद: शहर की शान और हरियाली का प्रमुख केंद्र रहा डॉ. अंबेडकर नेचर पार्क पिछले करीब पांच महीनों से बंद पड़ा है। लंबे समय से पार्क के बंद रहने से न केवल स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है, बल्कि क्षेत्र की रौनक भी पूरी तरह फीकी पड़ गई है।जानकारी के अनुसार, पार्क के संचालन से संबंधित टेंडर निरस्त हो जाने के कारण इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन अब तक इसे दोबारा खोलने को लेकर कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। नगर निगम की ओर से भी पार्क के पुनः संचालन को लेकर कोई निश्चित समय-सीमा घोषित नहीं की गई है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि पार्क पहले सुबह और शाम के समय काफी गुलजार रहता था। बड़ी संख्या में लोग यहां टहलने, योग करने और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने आते थे। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थान एक प्रमुख आकर्षण था। पार्क में लगे विभिन्न प्रकार के जड़ी-बूटी वाले पौधे और हरियाली लोगों को मानसिक शांति और सुकून प्रदान करते थे।पार्क के बंद होने का असर आसपास के क्षेत्रों, विशेषकर रामगंगा विहार की सड़कों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां पहले लोगों की आवाजाही और चहल-पहल रहती थी, अब वहां सन्नाटा पसरा रहता है। स्थानीय दुकानदारों का भी कहना है कि पार्क बंद होने से उनके व्यवसाय पर भी असर पड़ा है।गर्मियों की छुट्टियां नजदीक आने के बावजूद पार्क के बंद रहने से बच्चों में मायूसी है। बच्चे इस पार्क के दोबारा खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अनिश्चितता के कारण उनकी उम्मीदें लगातार कमजोर पड़ रही हैं।नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर पार्क को फिर से खोला जाए, ताकि शहरवासियों को पुनः एक स्वच्छ, हरित और मनोरंजन का स्थान मिल सके। वहीं, लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल अपनी पहचान खो सकता है।



