लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट
राजधानी के पीजीआई क्षेत्र में बिजली संकट के बीच उतरेटिया पावर हाउस से संपर्क साधना भी उपभोक्ताओं के लिए मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपकेंद्र के सभी संपर्क नंबर बंद पड़े हैं, जिससे शिकायत दर्ज कराना तक संभव नहीं हो पा रहा है।उपभोक्ताओं के अनुसार, बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद जब उन्होंने पावर हाउस से संपर्क करने का प्रयास किया, तो कोई भी नंबर रिसीव नहीं हुआ। पूछताछ नंबर 8004921271 भी लगातार बंद बताया जा रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती और ऊपर से अधिकारियों से संपर्क न हो पाने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर शिकायत दर्ज ही नहीं हो पा रही है, तो समस्या के समाधान की उम्मीद भी कम हो जाती है। इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावों के बीच इस तरह की अव्यवस्था स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि न केवल बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए, बल्कि शिकायत निवारण प्रणाली को भी दुरुस्त किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर सहायता मिल सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है। बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि उतरेटिया बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी, विशेषकर जेई, समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
यह स्थिति उस बयान के विपरीत दिखाई दे रही है, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सरकार ऐसी नौबत नहीं आने देगी कि जनता को अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़े।
हालांकि जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। बिजली संकट से जूझ रही आम जनता अब सड़कों पर उतरने को मजबूर है, जिससे प्रशासनिक दावों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या के समाधान की मांग की है।



