मोहनलालगंज। निगोहां कस्बे के स्टेशन रोड पर मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का तार अचानक शॉर्ट सर्किट के बाद टूटकर एक कारपेंटर के घर में जा गिरा। तार गिरते ही जोरदार धमाकों के साथ चिंगारियां निकलने लगीं। उस समय घर के बाहर बैठा परिवार बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तार जमीन पर गिरते ही लगातार तेज विस्फोट होने लगे। करंट और धमाकों की वजह से घर की पक्की फर्श तक उखड़ गई। अचानक हुए हादसे से आसपास के लोग घबरा गए और बच्चों व महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल निगोहां सबस्टेशन पर फोन कर बिजली सप्लाई बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी फैल गई।ग्रामीणों का कहना है कि देर से बिजली सप्लाई बंद होने के कारण बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलने के बाद जब विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने टूटे तार को जोड़ने का विरोध करते हुए घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को दूसरे रास्ते से शिफ्ट करने की मांग शुरू कर दी। मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।सूचना पर पहुंची निगोहां पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद पहुंचे विद्युत अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही हाईटेंशन लाइन को दूसरे मार्ग से शिफ्ट कराने की कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद समेसी पावर हाउस से नया तार मंगवाया गया और देर रात मरम्मत कार्य शुरू हुआ। करीब रात दो बजे टूटे तारों को जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।हादसे के चलते निगोहां कस्बा, निगोहां गांव, बैरीसालपुर, रानीखेड़ा, शेरपुर लवल, भगवानपुर, गोसाई खेड़ा समेत दो दर्जन से अधिक गांवों की बिजली करीब चार घंटे तक बाधित रही। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को रातभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई परिवार पूरी रात जागते रहे।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने बताया कि हाईटेंशन लाइन वर्षों से दर्जनों घरों की छतों के ऊपर से गुजर रही है। लोगों में हमेशा हादसे का डर बना रहता है। कई परिवार सुरक्षा कारणों से छतों पर जाने से बचते हैं। लोग कपड़े तक घर के नीचे ही सुखाने को मजबूर हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार भय बना रहता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन रोड पर घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन काफी पुरानी है। लोगों ने बाद में मकान बनाए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।वहीं उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निगोहां सबस्टेशन पर मरम्मत सामग्री उपलब्ध न होने के कारण कर्मचारियों को करीब आठ किलोमीटर दूर समेसी सबस्टेशन से तार और अन्य सामान लाना पड़ा। इसी वजह से बिजली बहाली में काफी देर हुई और लोगों को भीषण गर्मी में रातभर परेशान रहना पड़ा। लेसा कर्मियों ने भी स्वीकार किया कि मरम्मत से जुड़ा अधिकांश स्टॉक समेसी सबस्टेशन पर ही रखा जाता है। उपभोक्ताओं ने मोहनलालगंज डिवीजन के अधिशासी अभियंता से निगोहां सबस्टेशन पर पर्याप्त मरम्मत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
अनुराग तिवारी की रिपोर्ट



