मोहनलालगंज।भीषण गर्मी के बीच मोहनलालगंज विकास खंड क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। करोरा कस्बे में सहकारी समिति के पास लगा आरओ पेयजल सिस्टम पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों, बाजार आने वाले लोगों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मोहनलालगंज तहसील परिसर और विकास खंड कार्यालय में लगे वाटर कूलर भी खराब पड़े हैं, जिससे आमजन, अधिवक्ता और वादकारी पानी के लिए परेशान हैं।करोरा निवासी हनीफ ने बताया कि आरओ सिस्टम खराब होने की शिकायत कई बार बीडीओ और एडीओ पंचायत से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। भीषण गर्मी में स्वच्छ और ठंडे पेयजल की सुविधा बंद होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि करोरा बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, व्यापारी और राहगीर आते-जाते हैं। ऐसे में सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था बंद होने से लोगों को महंगे दामों पर पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल आरओ सिस्टम की मरम्मत कर पेयजल व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार उक्त आरओ सिस्टम ब्लॉक प्रमुख ओमप्रकाश शुक्ला विंदेश्वरी द्वारा क्षेत्रवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगवाया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह लंबे समय से खराब चल रहा है। अब गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो गई है।उधर मोहनलालगंज तहसील परिसर में लगे आरओ सिस्टम और वाटर कूलर भी ध्वस्त पड़े हैं। तहसील में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों और फरियादियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं तहसील परिसर स्थित कैंटीन में पानी की बोतलें बढ़े हुए दामों पर बेचे जाने की शिकायत भी सामने आई है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक परिसर में ही पेयजल की ऐसी बदहाल व्यवस्था जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करती है।इसी तरह विकास खंड कार्यालय परिसर में लगा वाटर कूलर भी खराब पड़ा है। हैरानी की बात यह है कि इसी परिसर में विकास खंड अधिकारी समेत कई जिम्मेदार अधिकारी बैठते हैं, इसके बावजूद समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ब्लॉक प्रमुख बोले मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की…….
ब्लॉक प्रमुख ओमप्रकाश शुक्ला विंदेश्वरी ने बताया कि उन्होंने अपनी निधि से विकास खंड क्षेत्र के कई गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर व पेयजल सुविधाएं लगवाई थीं ताकि लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की होती है, जिसे पंचायत निधि से कराया जाना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि कई ग्राम पंचायतों में जिम्मेदार लोग उदासीन बने हुए हैं, जिसके कारण पेयजल व्यवस्थाएं खराब पड़ी हैं। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि यदि समय रहते मरम्मत और देखरेख कराई जाती तो लोगों को इस भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान न होना पड़ता।
अनुराग तिवारी की रिपोर्ट



