Friday, June 5, 2026

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45 डिग्री की तपिश में लोकतंत्र की प्रहरी बनीं बीएलओ सुनीता, घर-घर पहुंचकर कर रहीं मतदाता सत्यापन

विनय मिश्रा

निगोहां।लखनऊ, एक ओर जहां भीषण गर्मी और तेज धूप ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है, वहीं दूसरी ओर निगोहां क्षेत्र में तैनात बीएलओ सुनीता अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रही हैं। लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान और लू के थपेड़ों के बीच भी वह रोजाना गांव-गांव जाकर मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में जुटी हुई हैं।चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सुनीता निगोहां कस्बे के अलावा सिसेंडी, रंजीतखेड़ा, कुशमौरा, करोरा तथा आसपास के मजरे और गांवों में घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन कर रही हैं। उनके जिम्मे नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृतक अथवा अन्य स्थानों पर स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम सूची से हटवाना तथा मतदाताओं के नाम, पता और अन्य विवरणों में आवश्यक संशोधन कराना शामिल है।सुबह से ही फाइलों और आवश्यक दस्तावेजों के साथ निकलने वाली सुनीता तपती दोपहर में भी अपना कार्य जारी रखती हैं। सिर पर छतरी और साथ में पानी की बोतल लेकर वह लगातार फील्ड में सक्रिय रहती हैं। ग्रामीण इलाकों में पैदल चलकर और घर-घर जाकर लोगों को मतदाता सूची की महत्ता समझाना उनके दैनिक कार्य का हिस्सा बन चुका है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बीएलओ सुनीता का व्यवहार बेहद सौम्य और सहयोगपूर्ण है। वह प्रत्येक घर तक पहुंचकर लोगों को मतदाता सूची से संबंधित जानकारी देती हैं तथा पात्र नागरिकों को मतदाता बनने के लिए प्रेरित करती हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक करने का कार्य भी वह गंभीरता से कर रही हैं।ग्रामीणों का कहना है कि कई बार दोपहर के समय जब लू के कारण लोग घरों से निकलने से भी बचते हैं, तब भी सुनीता अपने कार्य में लगी रहती हैं। उनका समर्पण और कार्यशैली लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार ने बीएलओ सुनीता के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह न केवल अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर रही हैं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुनती हैं। उन्होंने बताया कि कई ऐसे परिवार, जो वर्षों पहले गांव छोड़कर शहरों में बस चुके हैं, उनके नाम अभी भी मतदाता सूची में दर्ज थे। सुनीता ने व्यक्तिगत स्तर पर जांच-पड़ताल कर ऐसे नामों को हटवाने की प्रक्रिया पूरी कराई, जिससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और शुद्ध बन सकेगी तथा फर्जी मतदान की संभावना भी कम होगी।बीएलओ सुनीता ने बताया कि शासन और चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि शत-प्रतिशत शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए। इसी उद्देश्य को लेकर वह प्रतिदिन लगभग 8 से 10 घंटे क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम होना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जिन युवाओं की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, वे अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं।उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मतदाता के नाम, पते अथवा अन्य विवरण में त्रुटि है तो उसे तत्काल सही कराया जाए, ताकि भविष्य में मतदान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।इस संबंध में एडीओ पंचायत निगोहां ने कहा कि क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य तेजी से चल रहा है और बीएलओ सुनीता जैसी कर्मठ एवं समर्पित महिला कर्मचारियों की वजह से यह अभियान समयबद्ध तरीके से पूरा हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि विपरीत मौसम परिस्थितियों के बावजूद जिस लगन और मेहनत से सुनीता कार्य कर रही हैं, वह अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।भीषण गर्मी के बीच बीएलओ सुनीता की मेहनत और समर्पण यह साबित करता है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। उनकी कार्यनिष्ठा न केवल मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और पारदर्शी बना रही है, बल्कि ग्रामीणों में मतदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है।

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45 डिग्री की तपिश में लोकतंत्र की प्रहरी बनीं बीएलओ सुनीता, घर-घर पहुंचकर कर रहीं मतदाता सत्यापन

विनय मिश्रा

निगोहां।लखनऊ, एक ओर जहां भीषण गर्मी और तेज धूप ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है, वहीं दूसरी ओर निगोहां क्षेत्र में तैनात बीएलओ सुनीता अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रही हैं। लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान और लू के थपेड़ों के बीच भी वह रोजाना गांव-गांव जाकर मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में जुटी हुई हैं।चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सुनीता निगोहां कस्बे के अलावा सिसेंडी, रंजीतखेड़ा, कुशमौरा, करोरा तथा आसपास के मजरे और गांवों में घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन कर रही हैं। उनके जिम्मे नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृतक अथवा अन्य स्थानों पर स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम सूची से हटवाना तथा मतदाताओं के नाम, पता और अन्य विवरणों में आवश्यक संशोधन कराना शामिल है।सुबह से ही फाइलों और आवश्यक दस्तावेजों के साथ निकलने वाली सुनीता तपती दोपहर में भी अपना कार्य जारी रखती हैं। सिर पर छतरी और साथ में पानी की बोतल लेकर वह लगातार फील्ड में सक्रिय रहती हैं। ग्रामीण इलाकों में पैदल चलकर और घर-घर जाकर लोगों को मतदाता सूची की महत्ता समझाना उनके दैनिक कार्य का हिस्सा बन चुका है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बीएलओ सुनीता का व्यवहार बेहद सौम्य और सहयोगपूर्ण है। वह प्रत्येक घर तक पहुंचकर लोगों को मतदाता सूची से संबंधित जानकारी देती हैं तथा पात्र नागरिकों को मतदाता बनने के लिए प्रेरित करती हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक करने का कार्य भी वह गंभीरता से कर रही हैं।ग्रामीणों का कहना है कि कई बार दोपहर के समय जब लू के कारण लोग घरों से निकलने से भी बचते हैं, तब भी सुनीता अपने कार्य में लगी रहती हैं। उनका समर्पण और कार्यशैली लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार ने बीएलओ सुनीता के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह न केवल अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर रही हैं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुनती हैं। उन्होंने बताया कि कई ऐसे परिवार, जो वर्षों पहले गांव छोड़कर शहरों में बस चुके हैं, उनके नाम अभी भी मतदाता सूची में दर्ज थे। सुनीता ने व्यक्तिगत स्तर पर जांच-पड़ताल कर ऐसे नामों को हटवाने की प्रक्रिया पूरी कराई, जिससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और शुद्ध बन सकेगी तथा फर्जी मतदान की संभावना भी कम होगी।बीएलओ सुनीता ने बताया कि शासन और चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि शत-प्रतिशत शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए। इसी उद्देश्य को लेकर वह प्रतिदिन लगभग 8 से 10 घंटे क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम होना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जिन युवाओं की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, वे अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं।उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मतदाता के नाम, पते अथवा अन्य विवरण में त्रुटि है तो उसे तत्काल सही कराया जाए, ताकि भविष्य में मतदान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।इस संबंध में एडीओ पंचायत निगोहां ने कहा कि क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य तेजी से चल रहा है और बीएलओ सुनीता जैसी कर्मठ एवं समर्पित महिला कर्मचारियों की वजह से यह अभियान समयबद्ध तरीके से पूरा हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि विपरीत मौसम परिस्थितियों के बावजूद जिस लगन और मेहनत से सुनीता कार्य कर रही हैं, वह अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।भीषण गर्मी के बीच बीएलओ सुनीता की मेहनत और समर्पण यह साबित करता है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। उनकी कार्यनिष्ठा न केवल मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और पारदर्शी बना रही है, बल्कि ग्रामीणों में मतदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है।

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