लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट
लखनऊ, मंगलवार।राजधानी लखनऊ में रोडवेज संविदाकर्मियों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को उग्र हो गया। गांधी प्रतिमा के पास बड़ी संख्या में चालक और परिचालक जुटे तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी निजी कंपनी में विलय के फैसले का विरोध कर रहे थे।संविदाकर्मियों का आरोप है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। दुबग्गा डिपो से जुड़े कर्मचारियों ने वाहन प्रबंधन व्यवस्था और निजी कंपनी एसएस एंटरप्राइजेज के साथ काम कराने के निर्णय का विरोध किया।प्रदर्शन के दौरान “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारों से हजरतगंज क्षेत्र गूंज उठा। बताया जा रहा है कि सिटी बस सेवा से जुड़े करीब 500 परिचालक और चालक कई दिनों से कार्यबहिष्कार पर हैं, जिससे शहर की बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शन कर रहे कई संविदाकर्मियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।



