Wednesday, June 10, 2026

National

spot_img

12 साल के बच्चे की बहादुरी को सलाम: दराती लेकर तेंदुए से भिड़ा, साथियों की बचाई जान

मुरादाबाद

मुरादाबाद लखनऊ केसरी से मनोज कुमार बिश्नोई की रिपोर्ट

मुरादाबाद। जिले की कांठ तहसील क्षेत्र के ग्राम मुजफ्फरपुर टांडा में एक 12 वर्षीय बच्चे की बहादुरी ने सभी को हैरान कर दिया। खेत में चारा लेने गए बच्चों पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया, लेकिन एक बच्चे ने साहस दिखाते हुए दराती से उसका मुकाबला कर साथियों की जान बचा ली।जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ बच्चे घर से थोड़ी दूरी पर खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकलकर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। हमले से घबराकर अन्य बच्चे शोर मचाते हुए गांव की ओर भाग गए, लेकिन लोकेंद्र पुत्र मुकेश सैनी ने हिम्मत नहीं हारी।बताया जा रहा है कि लोकेंद्र ने हाथ में मौजूद दराती से तेंदुए का सामना किया और कुछ देर तक डटकर मुकाबला करता रहा। उसके साहस और शोर-शराबे के कारण तेंदुआ खेतों की ओर भाग निकला, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।इस हमले में बच्चों के हाथ और गर्दन पर तेंदुए के पंजों के निशान आए हैं, जिनका स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया। घटना के बाद पूरे गांव में बच्चे की बहादुरी की चर्चा हो रही है और ग्रामीण उसकी जमकर सराहना कर रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का साहस दिखाना काबिले-तारीफ है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

International

spot_img

12 साल के बच्चे की बहादुरी को सलाम: दराती लेकर तेंदुए से भिड़ा, साथियों की बचाई जान

मुरादाबाद

मुरादाबाद लखनऊ केसरी से मनोज कुमार बिश्नोई की रिपोर्ट

मुरादाबाद। जिले की कांठ तहसील क्षेत्र के ग्राम मुजफ्फरपुर टांडा में एक 12 वर्षीय बच्चे की बहादुरी ने सभी को हैरान कर दिया। खेत में चारा लेने गए बच्चों पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया, लेकिन एक बच्चे ने साहस दिखाते हुए दराती से उसका मुकाबला कर साथियों की जान बचा ली।जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ बच्चे घर से थोड़ी दूरी पर खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकलकर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। हमले से घबराकर अन्य बच्चे शोर मचाते हुए गांव की ओर भाग गए, लेकिन लोकेंद्र पुत्र मुकेश सैनी ने हिम्मत नहीं हारी।बताया जा रहा है कि लोकेंद्र ने हाथ में मौजूद दराती से तेंदुए का सामना किया और कुछ देर तक डटकर मुकाबला करता रहा। उसके साहस और शोर-शराबे के कारण तेंदुआ खेतों की ओर भाग निकला, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।इस हमले में बच्चों के हाथ और गर्दन पर तेंदुए के पंजों के निशान आए हैं, जिनका स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया। घटना के बाद पूरे गांव में बच्चे की बहादुरी की चर्चा हो रही है और ग्रामीण उसकी जमकर सराहना कर रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का साहस दिखाना काबिले-तारीफ है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES