Thursday, May 28, 2026

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जिला महिला अस्पताल में 12 घंटे गुल रही बिजली, मरीजों की जान पर बना संकट

मुरादाबाद। जिला महिला अस्पताल में रविवार रात से सोमवार दोपहर तक करीब 12 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहने से अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बिजली गुल होने के कारण मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं गंभीर मरीजों की हालत भी बिगड़ने की खबर सामने आई है।जानकारी के अनुसार, रविवार रात लगभग 12 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जो सोमवार दोपहर करीब 12:15 बजे तक बहाल नहीं हो सकी। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों, खासकर डिलीवरी वार्ड में मौजूद महिलाओं और नवजात शिशुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।बिजली न होने के चलते अस्पताल की जरूरी मशीनें, पंखे और अन्य उपकरण भी बंद रहे। अस्पताल प्रशासन द्वारा बैकअप के रूप में जनरेटर चलाने की व्यवस्था भी पूरी तरह सफल नहीं रही, जिससे हालात और बिगड़ गए।सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में उस समय करीब 150 से 200 मरीज भर्ती थे, जिनकी देखभाल पर इसका सीधा असर पड़ा। तीमारदारों का आरोप है कि बिजली गुल होने के दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसे ठीक कराने में समय लगा। फिलहाल बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और व्यवस्था सामान्य होने का दावा किया जा रहा है।इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मुरादाबाद : मनोज़ कुमार विश्नोई की रिपोर्ट

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जिला महिला अस्पताल में 12 घंटे गुल रही बिजली, मरीजों की जान पर बना संकट

मुरादाबाद। जिला महिला अस्पताल में रविवार रात से सोमवार दोपहर तक करीब 12 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहने से अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बिजली गुल होने के कारण मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं गंभीर मरीजों की हालत भी बिगड़ने की खबर सामने आई है।जानकारी के अनुसार, रविवार रात लगभग 12 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जो सोमवार दोपहर करीब 12:15 बजे तक बहाल नहीं हो सकी। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों, खासकर डिलीवरी वार्ड में मौजूद महिलाओं और नवजात शिशुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।बिजली न होने के चलते अस्पताल की जरूरी मशीनें, पंखे और अन्य उपकरण भी बंद रहे। अस्पताल प्रशासन द्वारा बैकअप के रूप में जनरेटर चलाने की व्यवस्था भी पूरी तरह सफल नहीं रही, जिससे हालात और बिगड़ गए।सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में उस समय करीब 150 से 200 मरीज भर्ती थे, जिनकी देखभाल पर इसका सीधा असर पड़ा। तीमारदारों का आरोप है कि बिजली गुल होने के दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसे ठीक कराने में समय लगा। फिलहाल बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और व्यवस्था सामान्य होने का दावा किया जा रहा है।इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मुरादाबाद : मनोज़ कुमार विश्नोई की रिपोर्ट

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