Saturday, June 6, 2026

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बेटी के जन्म पर मनाया जश्न, समाज को दिया सम्मान का संदेश

लखनऊ केसरी से सन्नी पांडेय की रिपोर्ट

लखनऊ (मोहनलालगंज)। जहां आज भी समाज के कई हिस्सों में बेटियों के जन्म को लेकर संकीर्ण सोच देखने को मिलती है, वहीं मोहनलालगंज क्षेत्र से एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। यहां एक परिवार ने नवजात बेटी के जन्म को उत्सव की तरह मनाकर समाज को बेटियों के सम्मान का संदेश दिया।जानकारी के अनुसार, जैसे ही नवजात बेटी के जन्म की खबर परिवार को मिली, घर में खुशियों का माहौल छा गया। जब मां और नवजात को अस्पताल से घर लाया गया, तो घर-आंगन को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया। परिजनों ने फूलों की वर्षा कर मां और बेटी का स्वागत किया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और मंगल गीतों के साथ पूरे उत्साह से जश्न मनाया गया।परिवार के सदस्यों ने बेटी के जन्म को किसी त्योहार से कम नहीं माना और इसे सौभाग्य, समृद्धि व नई उम्मीदों का प्रतीक बताया। समाजसेवी सुशील मिश्रा ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की सबसे अनमोल धरोहर होती हैं। उन्हें जन्म से ही समान सम्मान, शिक्षा और अवसर मिलना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि समाज में व्याप्त बेटा-बेटी के भेदभाव को खत्म करने की आवश्यकता है। बेटियां ही परिवार, समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।इस अनोखे स्वागत समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इसकी जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए एक सकारात्मक पहल बताया।

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बेटी के जन्म पर मनाया जश्न, समाज को दिया सम्मान का संदेश

लखनऊ केसरी से सन्नी पांडेय की रिपोर्ट

लखनऊ (मोहनलालगंज)। जहां आज भी समाज के कई हिस्सों में बेटियों के जन्म को लेकर संकीर्ण सोच देखने को मिलती है, वहीं मोहनलालगंज क्षेत्र से एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। यहां एक परिवार ने नवजात बेटी के जन्म को उत्सव की तरह मनाकर समाज को बेटियों के सम्मान का संदेश दिया।जानकारी के अनुसार, जैसे ही नवजात बेटी के जन्म की खबर परिवार को मिली, घर में खुशियों का माहौल छा गया। जब मां और नवजात को अस्पताल से घर लाया गया, तो घर-आंगन को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया। परिजनों ने फूलों की वर्षा कर मां और बेटी का स्वागत किया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और मंगल गीतों के साथ पूरे उत्साह से जश्न मनाया गया।परिवार के सदस्यों ने बेटी के जन्म को किसी त्योहार से कम नहीं माना और इसे सौभाग्य, समृद्धि व नई उम्मीदों का प्रतीक बताया। समाजसेवी सुशील मिश्रा ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की सबसे अनमोल धरोहर होती हैं। उन्हें जन्म से ही समान सम्मान, शिक्षा और अवसर मिलना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि समाज में व्याप्त बेटा-बेटी के भेदभाव को खत्म करने की आवश्यकता है। बेटियां ही परिवार, समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।इस अनोखे स्वागत समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इसकी जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए एक सकारात्मक पहल बताया।

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