लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जियामऊ स्थित एक निजी कैंसर अस्पताल में भर्ती मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि 61 हजार रुपये का बिल बकाया बताकर अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।मृतक की पहचान अमेठी जिले के जगदीशपुर क्षेत्र के उतेलवा गांव निवासी प्रदीप शर्मा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, प्रदीप रीढ़ की हड्डी के कैंसर से पीड़ित थे और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा था। उन्हें 22 मई को भर्ती कराया गया था।परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल ने करीब 5.20 लाख रुपये वसूल किए। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान प्रदीप की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कथित रूप से 61 हजार रुपये और जमा करने की शर्त रखी, तभी शव ले जाने की अनुमति देने की बात कही।मृतक के बहनोई संदीप शर्मा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और इलाज का खर्च भी ESI के माध्यम से चल रहा था। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी और भुगतान पर अड़ा रहा।घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। मामला बढ़ने पर कुछ जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार लोगों के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल ने बिना अतिरिक्त भुगतान के शव परिजनों को सौंप दिया।परिजनों ने फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।वहीं, इस मामले में लखनऊ के सीएमओ कार्यालय से जुड़े प्राइवेट अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने कहा कि उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। यदि शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



