
लखनऊ। रायबरेली रोड स्थित गोपाल खेड़ा के पास संचालित देसी डेरा ढाबा पर पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह नदारद है। इसके बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में चारपहिया और दोपहिया वाहन मुख्य सड़क के किनारे खड़े किए जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सार्वजनिक सड़क को पार्किंग स्थल बनाने की अनुमति किसने दी है और किसके संरक्षण में यह व्यवस्था लगातार चल रही है l
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ढाबा संचालक ने ग्राहकों के वाहनों के लिए न तो पार्किंग की कोई व्यवस्था की है और न ही किसी सुरक्षा गार्ड की तैनाती की गई है, जो वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराए। नतीजा यह है कि शाम होते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।इसी मुख्य मार्ग पर थिरूमल्ला अकादमी, दीवानगंज भी स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी-विवाह के मौसम तथा प्रतियोगी एवं बोर्ड परीक्षाओं के दौरान यहां हजारों लोगों और वाहनों का आवागमन रहता है।
इसके बावजूद अकादमी प्रबंधन द्वारा पार्किंग और यातायात नियंत्रण की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। परिणामस्वरूप मुख्य सड़क पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आसपास की कॉलोनियों के निवासियों, ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ता है।रायबरेली-प्रयागराज मार्ग प्रदेश के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है, जहां दिन-रात भारी वाहनों, रोडवेज बसों और निजी वाहनों का लगातार आवागमन रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?क्या यातायात पुलिस और संबंधित विभागों की नजर इस अव्यवस्था पर नहीं पड़ती l
यदि सड़क पर इस तरह अवैध पार्किंग और जाम की स्थिति नियमों का खुला उल्लंघन है, तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?क्या प्रभावशाली संस्थानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के संरक्षण के कारण नियम-कानून केवल आम नागरिकों के लिए ही लागू हैं?स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क किनारे हो रही अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो किसी भी दिन बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। लोगों का आरोप है कि ऐसी स्थिति में हमेशा की तरह कुछ अधिकारियों का निरीक्षण, जांच के आदेश और कागजी कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, जबकि वास्तविक समस्या जस की तस बनी रहेगी।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, यातायात पुलिस तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि देसी डेरा ढाबा और थिरूमल्ला अकादमी सहित इस मार्ग पर संचालित सभी व्यावसायिक एवं संस्थागत प्रतिष्ठानों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य कराई जाए तथा सड़क पर अवैध रूप से वाहन खड़े करने वालों के विरुद्ध नियमित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी संभावित बड़ी दुर्घटना से पहले ही प्रभावी रोक लगाई जा सके।



