लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट
लखनऊ। राजधानी के पीजीआई क्षेत्र में रायबरेली रोड स्थित चरण भट्टा रोड के ठीक सामने सड़क किनारे प्रतिदिन लगने वाली अवैध फल मंडी स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। एक ओर प्रशासन शहर की सड़कों को अतिक्रमण और जाम से मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर यह अवैध फल मंडी बेखौफ तरीके से प्रतिदिन संचालित हो रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह लगभग 6:00 बजे से 10:00 बजे तक लगने वाली इस मंडी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
सड़क के दोनों ओर फल विक्रेताओं के ठेले और खरीदारों की भीड़ के कारण यातायात प्रभावित रहता है। सबसे अधिक परेशानी उस समय होती है जब स्कूल जाने वाले बच्चों की बसें, अभिभावकों के वाहन तथा कार्यालय जाने वाले लोग इसी मार्ग से गुजरते हैं।आरोप है कि फल खरीदने आने वाले लोग अपनी कारें और दोपहिया वाहन सड़क पर ही अव्यवस्थित ढंग से खड़े कर देते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और कई बार लंबा जाम लग जाता है। इससे दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध मंडी को व्यवस्थित नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।यही नहीं, रोजाना इस सड़क से न जाने कितने बड़े अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन इस फल मंडी की तरफ उनका ध्यान नहीं जाता।
इस फल मंडी से थाने की दूरी लगभग 600 मीटर के आसपास है, लेकिन उनका भी ध्यान इस फल मंडी की ओर नहीं जाता। बगल में पीजीआई थाना होने के बावजूद पुलिस का ध्यान भी इस फल मंडी की तरफ नहीं जा रहा है, जो विभागीय उदासीनता को साफ तौर पर उजागर करता है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है।क्षेत्रवासियों का सवाल है कि जब शहर में अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, तब आखिर यह अवैध फल मंडी किसके संरक्षण में संचालित हो रही है? लोगों ने प्रशासन, नगर निगम और यातायात पुलिस से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर सड़क पर लगने वाली इस अवैध मंडी को हटाया जाए, ताकि आम नागरिकों को जाम और दुर्घटना के खतरे से राहत मिल सके।स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग संयुक्त अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराए और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए, जिससे स्कूली बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। रायबरेली रोड पर इस फल मंडी को लगना आम बात हो गई है। इस सड़क से बहुत बड़े-बड़े विभागीय अधिकारी रोजाना गुजरते हैं और पीजीआई थाने की दूरी मात्र 600 मीटर है, लेकिन उनका भी ध्यान इस ओर नहीं जाता। आखिर किसके इशारे पर यह फल मंडी जोर-जोर से चल रही है, यह सवाल अब स्थानीय लोगों के बीच लगातार उठ रहा है।



