लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट
लखनऊ। मोहनलालगंज, बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की गूंज अब बिहार की सीमाओं से निकलकर उत्तर प्रदेश तक पहुंचने लगी है। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में निगोहा प्रेस क्लब के बैनर तले हजारों पत्रकारों ने बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा बिहार पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कथित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई एवं मृत्युदंड की मांग उठाई।पत्रकारों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में शामिल पुलिसकर्मियों द्वारा बार-बार बयान बदलने से लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो

आंदोलन और तेज किया जाएगा।करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह दीपू ने लखनऊ केसरी के संवाददाता से वार्ता करते हुए बताया कि वह 27 जून को बिहार के बिलौटी गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए आयोजित महापंचायत में भाग लिया। उन्होंने कहा कि “समाज के हर वर्ग में इस घटना को लेकर रोष है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”वहीं निगोहा प्रेस क्लब के संरक्षक मुकेश द्विवेदी एवं अध्यक्ष विमल सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों ने कैंडल मार्च निकालकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार समाज अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाता रहेगा और भरत तिवारी मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।



