मोहनलालगंज।मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के हुलासखेड़ा स्थित एक प्लॉटिंग साइट पर बीते शुक्रवार दोपहर जमीन की कब्जेदारी को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। भाजपा नेता हंसराज रावत और दूसरे पक्ष के अमित सिंह की तहरीर पर पुलिस ने जानलेवा हमला, डकैती समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में कई बाहरी लोगों की संलिप्तता की चर्चाओं के बीच पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल में जुटी है।
पदमिनीखेड़ा निवासी भाजपा पार्टी के जिला उपाध्यक्ष नेता हंसराज रावत ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे वह हुलासखेड़ा स्थित अपनी प्लॉटिंग साइट पर काम करा रहे थे, तभी दो गाड़ियों से पहुंचे छह-सात अज्ञात लोगों ने खुद को एसटीएफ कर्मी बताते हुए उनसे पूछताछ शुरू की। आरोप है कि एक व्यक्ति ने उनके चेहरे पर कोई स्प्रे मार दिया, जिसके बाद कई अन्य गाड़ियों से पहुंचे लोगों ने उन्हें घेर लिया और लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें जान से मारने और नहर में फेंक देने की धमकी दी।हंसराज रावत के मुताबिक, उन्हें बचाने पहुंचे उनके सहयोगी कौशल मिश्रा के साथ भी मारपीट की गई और उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर ले जाया गया। आरोप है कि हमलावर उनकी लाइसेंसी पिस्टल संख्या 15122, 14 कारतूस, मोबाइल फोन तथा कौशल मिश्रा का मोबाइल भी अपने साथ ले गए। जाते समय हमलावरों ने सिद्धार्थ शर्मा, अयोध्यापाल, कासिफ अहमद और अमित का नाम लेते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़ित ने तीन वाहनों के नंबर यूपी-35 बीयू-9777, यूपी-32 क्यूयू-9313 और एचआर-26 सीएल-8293 नोट कर पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।दूसरी ओर विकास नगर निवासी अमित सिंह ने भी पुलिस को तहरीर देकर हंसराज रावत समेत छह-सात लोगों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मोहनलालगंज पुलिस ने जानलेवा हमला, डकैती समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद मामला मोहनलालगंज कोतवाली पहुंचा, जहां पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हंसराज रावत अपने भाइयों के साथ पहुंचे थे, तभी दूसरे पक्ष के समर्थन में वकीलों के वेश में आए कुछ लोगों ने उनके भाई के साथ मारपीट कर दी। आरोप है कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन विवाद को देखते हुए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
अनुराग तिवारी की रिपोर्ट



