Thursday, May 28, 2026

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तहसील मोहनलालगंज की लापरवाही न्याय के लिए भटक रहे किसान सुनवाई पूरी फिर भी आदेश नहीं दो वर्ष बीत गए नहीं दर्ज हुआ वरासात

मोहनलालगंज। मोहनलालगंज तहसील प्रशासन की कार्यशैली से परेशान गरीब किसान वर्षों से न्याय पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। आरोप है कि सुनवाई पूरी होने और सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मामलों में आदेश जारी नहीं कर रहे हैं, जिससे पीड़ित किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के तमोरिया गांव निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्होंने करीब दो वर्ष पूर्व वरासत दर्ज कराने के लिए आवेदन किया था। मामला नायब तहसीलदार निगोहां की अदालत में विचाराधीन रहा और सुनवाई भी पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं किया गया। प्रमोद का आरोप है कि वह कई बार तहसील पहुंचकर नायब तहसीलदार से न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। परेशान होकर उन्होंने सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।इसी प्रकार उत्तरगांव निवासी अखिलेश कुमार ने खतौनी में हुई गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए एसडीएम न्यायिक न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। अखिलेश के मुताबिक मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद करीब ढाई माह पहले फाइल आदेश के लिए सुरक्षित कर ली गई थी, लेकिन अब तक फैसला नहीं सुनाया गया। उनका आरोप है कि तहसील पहुंचने पर एसडीएम न्यायिक अक्सर उपलब्ध नहीं रहते और पेशकार टालमटोल करते रहते हैं, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।अखिलेश ने बताया कि मजबूर होकर उन्होंने भी सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी, लेकिन निष्पक्ष जांच कराने के बजाय संबंधित रीडर को ही जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इससे पीड़ितों में नाराजगी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही मामलों का निस्तारण नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।वादकारियों का कहना है कि तहसील में लंबित मामलों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण आम जनता का भरोसा प्रशासन से उठता जा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर लंबित आदेश जल्द जारी कराने की मांग की है।

अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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तहसील मोहनलालगंज की लापरवाही न्याय के लिए भटक रहे किसान सुनवाई पूरी फिर भी आदेश नहीं दो वर्ष बीत गए नहीं दर्ज हुआ वरासात

मोहनलालगंज। मोहनलालगंज तहसील प्रशासन की कार्यशैली से परेशान गरीब किसान वर्षों से न्याय पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। आरोप है कि सुनवाई पूरी होने और सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मामलों में आदेश जारी नहीं कर रहे हैं, जिससे पीड़ित किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के तमोरिया गांव निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्होंने करीब दो वर्ष पूर्व वरासत दर्ज कराने के लिए आवेदन किया था। मामला नायब तहसीलदार निगोहां की अदालत में विचाराधीन रहा और सुनवाई भी पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं किया गया। प्रमोद का आरोप है कि वह कई बार तहसील पहुंचकर नायब तहसीलदार से न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। परेशान होकर उन्होंने सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।इसी प्रकार उत्तरगांव निवासी अखिलेश कुमार ने खतौनी में हुई गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए एसडीएम न्यायिक न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। अखिलेश के मुताबिक मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद करीब ढाई माह पहले फाइल आदेश के लिए सुरक्षित कर ली गई थी, लेकिन अब तक फैसला नहीं सुनाया गया। उनका आरोप है कि तहसील पहुंचने पर एसडीएम न्यायिक अक्सर उपलब्ध नहीं रहते और पेशकार टालमटोल करते रहते हैं, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।अखिलेश ने बताया कि मजबूर होकर उन्होंने भी सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी, लेकिन निष्पक्ष जांच कराने के बजाय संबंधित रीडर को ही जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इससे पीड़ितों में नाराजगी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही मामलों का निस्तारण नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।वादकारियों का कहना है कि तहसील में लंबित मामलों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण आम जनता का भरोसा प्रशासन से उठता जा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर लंबित आदेश जल्द जारी कराने की मांग की है।

अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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