लखनऊ केसरी से अनुराग तिवारी की रिपोर्ट
लखनऊ। रायबरेली रोड पर चलने वाले यात्रियों के लिए एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। सड़क किनारे लगे कई बिजली के पोल झुक चुके हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। तेज गर्मी के बीच बिजली लाइनों से आवाज आना और पोल का असंतुलित होना खतरे को और बढ़ा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इन झुके हुए पोलों के कारण सड़क पर चलने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों की जान भी जोखिम में है। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन बिजली विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ऊर्जा क्षेत्र में ₹65,926 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध रहता है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर लापरवाही साफ नजर आ रही है।बिजली विभाग के नियमों के मुताबिक, झुके या जर्जर पोल को ठीक करना ‘इमरजेंसी मेंटेनेंस’ के अंतर्गत आता है और ऐसी स्थिति में 24 से 48 घंटे के भीतर कार्रवाई अनिवार्य होती है। हर उपकेंद्र स्तर पर रखरखाव (O&M) के लिए फंड उपलब्ध रहता है, जिससे पोल को सीधा करने या बदलने में किसी अतिरिक्त बजट की आवश्यकता नहीं होती।इसके बावजूद वर्षों से झुके इन पोलों की ओर विभाग का ध्यान नहीं गया है। हैरानी की बात यह है कि यह मुख्य रायबरेली राज्य मार्ग है, जहां से रोजाना कई अधिकारी और जिम्मेदार लोग गुजरते हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि बिजली विभाग तत्काल संज्ञान लेकर इन खतरनाक पोलों को दुरुस्त करे, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।



