Thursday, May 28, 2026

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तीन दिन से सड़क पर गिरा नीम का पेड़, प्रशासन बेखबर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, आवागमन ठप….

उतरावां–सैदनपुर संपर्क मार्ग बाधित, 2 किमी चक्कर लगाने को मजबूर लोग; कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनीनिगोहां, लखनऊ। क्षेत्र के उतरावां से सैदापुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पिछले तीन दिनों से पूरी तरह बाधित पड़ा है। रायबरेली रजबहा के किनारे तेज आंधी के दौरान एक विशाल नीम का पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। हैरानी की बात यह है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।मार्ग अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को अब करीब 2 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और किसानों पर पड़ रहा है, जिनकी दिनचर्या इसी मार्ग पर निर्भर है।ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता साफ झलक रही है, जिससे लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेड़ हटाकर मार्ग को सुचारु नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

लखनऊ केसरी से अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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तीन दिन से सड़क पर गिरा नीम का पेड़, प्रशासन बेखबर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, आवागमन ठप….

उतरावां–सैदनपुर संपर्क मार्ग बाधित, 2 किमी चक्कर लगाने को मजबूर लोग; कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनीनिगोहां, लखनऊ। क्षेत्र के उतरावां से सैदापुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पिछले तीन दिनों से पूरी तरह बाधित पड़ा है। रायबरेली रजबहा के किनारे तेज आंधी के दौरान एक विशाल नीम का पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। हैरानी की बात यह है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।मार्ग अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को अब करीब 2 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और किसानों पर पड़ रहा है, जिनकी दिनचर्या इसी मार्ग पर निर्भर है।ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता साफ झलक रही है, जिससे लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेड़ हटाकर मार्ग को सुचारु नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

लखनऊ केसरी से अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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