उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के साथ मिलकर आवास विकास परिषद शहर में पहली एआई सिटी कम बिजनेस पार्क विकसित करेगा। इसको लेकर बुधवार को आवास विकास बोर्ड ने मंजूरी दे दी। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का 4173.66 करोड़ रुपये का बजट भी बोर्ड ने पास कर दिया। इससे नई योजनाओं के लिए जमीन खरीद के लिए बजट की कमी नहीं होगी।
प्रमुख सचिव आवास पी गुरु प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में पास हुए प्रस्तावों के बारे में सचिव आवास विकास परिषद नीरज शुक्ला ने बताया कि वृंदावन योजना के सेक्टर 15 में पीपीपी मॉडल पर एआई सिटी विकसित की जाएगी। इसको लेकर यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के साथ एमओयू को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। एआई सिटी के लिए परिषद 12 एकड़ जमीन देगा। इसकी कीमत करीब 368 करोड़ रुपये है। एआई सिटी विकसित करने के लिए कंपनी का चयन आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) के जरिए किया जाएगा। जिस कंपनी का चयन किया जाएगा उसके साथ रेवन्यू की शेयरिंग होगी। इसमें जो भी आय होगी उसमें परिषद 40 प्रतिशत का हिस्सा लेगी। प्रोजेक्ट तीन साल में पूरा किया जाएगा। जो जमीन परिषद दे रहा है वह 45 साल की लीज पर होगी उसके बाद 45 साल का समय और बढ़ाया जा सकेगा। सचिव ने बताया कि एआई सिटी के साथ ही बिजनेस पार्क भी बनाया जाएगा। यह भी सूचना प्रौद्योगिक के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बनाया जाएगा । एआई सिटी कम बिजनेस पार्क बनाने का काम उत्तर प्रदेश का इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग करेगा और आवास विकास परिषद मिलकर करेगी।
आवास विकास परिषद बोर्ड ने 4173.66 करोड़ का बजट पासपरिषद के सचिव नीरज शुक्ला ने बताया कि बोर्ड ने चालू वित्तीय नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4173.66 करोड़ रुपये आय-व्यय का बजट पास कर दिया है। इसमें नई योजनाओं के लिए जमीन खरीद के लिए 1927 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इनमें सबसे अधिक अयोध्या के लिए 1000 करोड़, वाराणसी के लिए 400 करोड़, मथुरा के लिए 100 करोड़ और प्रतापगढ़ के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान किया गया है। मऊ की आवासीय योजना के लिए शासन ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत 125 करोड़ रुपये का बजट दिया है। बाकी बजट परिषद लगाएगी। इस साल परिषद संपत्तियों की बिक्री से 2004 करोड़ रुपये जुटाएगी। वहीं नई योजनाओं में नाली, सड़क, सीवर, पानी आदि की अवस्थापना सुविधाओं पर 702 करोड़ रुपये खर्च करेगा।



