राजधानी लखनऊ में डग्गामार बसों का संचालन जोरों पर है। शहर के आउटर इलाकों में अवैध परिवहन का नेटवर्क खुलेआम फल-फूल रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।शहीद पथ स्थित उतरठिया चौराहे के निकट गुप्ता बुक डिपो के पास अवैध रूप से टिकट बुकिंग की जा रही है। चार कुर्सियां डालकर खुलेआम यात्रियों की सीट बुक की जाती है। इसके बाद करीब एक दर्जन बिक्रमा ऑटो के जरिए सवारियों को मोहनलालगंज भेजा जाता है।मोहनलालगंज के कनकाहा क्षेत्र के पास अवैध रूप से खड़ी डग्गामार बसों में यात्रियों को बैठाकर उनके गंतव्य तक रवाना किया जाता है। 44 सीटों वाली बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को ठूंसकर ले जाने के मामले भी सामने आए हैं।हालांकि सवाल यह है कि आखिर इन पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है। हाल ही में लुधियाना से बिहार जा रही एक बस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर गोसाईगंज के निकट पलट गई थी, जिसमें करीब छह लोगों की मौत हो गई थी। इसी एक्सप्रेस-वे पर चलती बस के आग का गोला बन जाने की घटना में लगभग 17 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है। इसके बावजूद भी परिवहन विभाग की सख्ती जमीन पर नजर नहीं आ रही।सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे अवैध नेटवर्क का संचालन हरिनाम साहू नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जो कई बसों को अवैध तरीके से संचालित करवा रहा है।लगातार हो रही घटनाओं और हादसों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से परिवहन विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं यात्रियों की जान भी जोखिम में डाली जा रही है।अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे…..l
लखनऊ में धड़ल्ले से चल रहा डग्गामार बसों का खेल, परिवहन विभाग को लाखों का चूना….
राजधानी लखनऊ में डग्गामार बसों का संचालन जोरों पर है। शहर के आउटर इलाकों में अवैध परिवहन का नेटवर्क खुलेआम फल-फूल रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।शहीद पथ स्थित उतरठिया चौराहे के निकट गुप्ता बुक डिपो के पास अवैध रूप से टिकट बुकिंग की जा रही है। चार कुर्सियां डालकर खुलेआम यात्रियों की सीट बुक की जाती है। इसके बाद करीब एक दर्जन बिक्रमा ऑटो के जरिए सवारियों को मोहनलालगंज भेजा जाता है।मोहनलालगंज के कनकाहा क्षेत्र के पास अवैध रूप से खड़ी डग्गामार बसों में यात्रियों को बैठाकर उनके गंतव्य तक रवाना किया जाता है। 44 सीटों वाली बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को ठूंसकर ले जाने के मामले भी सामने आए हैं।हालांकि सवाल यह है कि आखिर इन पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है। हाल ही में लुधियाना से बिहार जा रही एक बस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर गोसाईगंज के निकट पलट गई थी, जिसमें करीब छह लोगों की मौत हो गई थी। इसी एक्सप्रेस-वे पर चलती बस के आग का गोला बन जाने की घटना में लगभग 17 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है। इसके बावजूद भी परिवहन विभाग की सख्ती जमीन पर नजर नहीं आ रही।सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे अवैध नेटवर्क का संचालन हरिनाम साहू नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जो कई बसों को अवैध तरीके से संचालित करवा रहा है।लगातार हो रही घटनाओं और हादसों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से परिवहन विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं यात्रियों की जान भी जोखिम में डाली जा रही है।अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे…..l



