Friday, July 31, 2026

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रिश्तों को किया शर्मसार, बहन को पत्नी बनाकर बेच दी 30 लाख की पैतृक जमीन; तीन गिरफ्तार

विनय मिश्रा

निगोहां, लखनऊ। पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मृत अविवाहित भाई को कागजों में शादीशुदा दिखाकर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उसकी कथित पत्नी बनाकर करीब 30 लाख रुपये की पैतृक जमीन बेचने के आरोप में निगोहां और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी पहचान पत्र व अन्य दस्तावेज तैयार कर सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी की और मृतक की पैतृक भूमि अपने नाम दर्ज कराकर उसे बेच दिया। इस मामले में 2 नवंबर 2025 को सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के मलूकपुर ढकवा निवासी शांति देवी पत्नी स्वर्गीय सर्वेश कुमार की तहरीर पर मोहनलालगंज थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना निगोहां थाने के उपनिरीक्षक संदीप कुमार मिश्रा कर रहे थे।जांच में सामने आया कि आरोपी राजपाल का भाई प्रेमचंद्र वर्ष 2015 में सड़क दुर्घटना में मौत का शिकार हो गया था। प्रेमचंद्र अविवाहित था। वर्ष 2018 में पिता शत्रोहन की मृत्यु के बाद पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसी का फायदा उठाते हुए राजपाल ने अपनी बहन गुड़िया और सुमन देवी उर्फ जमुना देवी के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा।पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2020 से 2022 के बीच आरोपियों ने सुमन देवी को मृतक प्रेमचंद्र की पत्नी दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन्हीं जाली अभिलेखों के आधार पर न्यायालय में वरासत दर्ज कराने का दावा किया गया और वर्ष 2023 में प्रेमचंद्र के हिस्से की जमीन सुमन देवी के नाम दर्ज करा ली गई।इसके बाद वर्ष 2024 में आरोपियों ने उक्त जमीन को पीके कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर कमलेश कुमार के हाथों लगभग 30 लाख रुपये में बेच दिया। बिक्री से प्राप्त धनराशि तीनों आरोपियों ने आपस में बांट ली।घेराबंदी कर तीनों आरोपी गिरफ्तारपुलिस को सूचना मिली कि आरोपी निगोहां थाना क्षेत्र के परसपुर ठट्ठा गांव स्थित खेल मैदान के पास मौजूद हैं। सूचना पर निगोहां और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहे थे।फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की होगी जांचपुलिस का कहना है कि मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कराने और इस पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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रिश्तों को किया शर्मसार, बहन को पत्नी बनाकर बेच दी 30 लाख की पैतृक जमीन; तीन गिरफ्तार

विनय मिश्रा

निगोहां, लखनऊ। पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मृत अविवाहित भाई को कागजों में शादीशुदा दिखाकर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उसकी कथित पत्नी बनाकर करीब 30 लाख रुपये की पैतृक जमीन बेचने के आरोप में निगोहां और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी पहचान पत्र व अन्य दस्तावेज तैयार कर सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी की और मृतक की पैतृक भूमि अपने नाम दर्ज कराकर उसे बेच दिया। इस मामले में 2 नवंबर 2025 को सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के मलूकपुर ढकवा निवासी शांति देवी पत्नी स्वर्गीय सर्वेश कुमार की तहरीर पर मोहनलालगंज थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना निगोहां थाने के उपनिरीक्षक संदीप कुमार मिश्रा कर रहे थे।जांच में सामने आया कि आरोपी राजपाल का भाई प्रेमचंद्र वर्ष 2015 में सड़क दुर्घटना में मौत का शिकार हो गया था। प्रेमचंद्र अविवाहित था। वर्ष 2018 में पिता शत्रोहन की मृत्यु के बाद पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसी का फायदा उठाते हुए राजपाल ने अपनी बहन गुड़िया और सुमन देवी उर्फ जमुना देवी के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा।पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2020 से 2022 के बीच आरोपियों ने सुमन देवी को मृतक प्रेमचंद्र की पत्नी दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन्हीं जाली अभिलेखों के आधार पर न्यायालय में वरासत दर्ज कराने का दावा किया गया और वर्ष 2023 में प्रेमचंद्र के हिस्से की जमीन सुमन देवी के नाम दर्ज करा ली गई।इसके बाद वर्ष 2024 में आरोपियों ने उक्त जमीन को पीके कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर कमलेश कुमार के हाथों लगभग 30 लाख रुपये में बेच दिया। बिक्री से प्राप्त धनराशि तीनों आरोपियों ने आपस में बांट ली।घेराबंदी कर तीनों आरोपी गिरफ्तारपुलिस को सूचना मिली कि आरोपी निगोहां थाना क्षेत्र के परसपुर ठट्ठा गांव स्थित खेल मैदान के पास मौजूद हैं। सूचना पर निगोहां और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहे थे।फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की होगी जांचपुलिस का कहना है कि मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कराने और इस पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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