Friday, June 5, 2026

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नाबालिक बच्चियों को बहला फुसलाकर राजस्थान में बेचने वाले तीन अभियुक्तो को पुलिस ने पकड़ा


मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाकर शादी के नाम पर बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया है।पुलिस के अनुसार 12 मई 2026 को मोहनलालगंज क्षेत्र निवासी महिला ने अपनी 16 व 12 वर्षीय नातिनों के लापता होने की सूचना दी थी। मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में चार टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।जांच में सामने आया कि रायबरेली निवासी प्रिय पटेल उर्फ शीला, अनुराग यादव, मोहम्मद अख्तर तथा एक बाल अपचारी ने बच्चियों को झांसा देकर अपने साथ ले गए थे। 18 मई को दोनों बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों का गिरोह गरीब और असहाय लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान के कोटा क्षेत्र में शादी कराने के नाम पर बेचता था।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह की मुख्य भूमिका निभाने वाली प्रिय पटेल और अनुराग यादव पिछले कई वर्षों से इस नेटवर्क से जुड़े थे। आरोपी लड़कियों को घूमाने, अच्छे कपड़े दिलाने और परिवार से मिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उनकी तस्वीरें राजस्थान में मौजूद सहयोगियों को भेजी जाती थीं और सौदा तय होने पर उन्हें वहां भेज दिया जाता था। एक लड़की की शादी कराने पर गिरोह को लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये मिलते थे।
एस आई सौरभ सिंह की टीम ने 3 जून को आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामले में दो चारपहिया वाहन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

*अनुराग तिवारी की रिपोर्ट*

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नाबालिक बच्चियों को बहला फुसलाकर राजस्थान में बेचने वाले तीन अभियुक्तो को पुलिस ने पकड़ा


मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाकर शादी के नाम पर बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया है।पुलिस के अनुसार 12 मई 2026 को मोहनलालगंज क्षेत्र निवासी महिला ने अपनी 16 व 12 वर्षीय नातिनों के लापता होने की सूचना दी थी। मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में चार टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।जांच में सामने आया कि रायबरेली निवासी प्रिय पटेल उर्फ शीला, अनुराग यादव, मोहम्मद अख्तर तथा एक बाल अपचारी ने बच्चियों को झांसा देकर अपने साथ ले गए थे। 18 मई को दोनों बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों का गिरोह गरीब और असहाय लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान के कोटा क्षेत्र में शादी कराने के नाम पर बेचता था।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह की मुख्य भूमिका निभाने वाली प्रिय पटेल और अनुराग यादव पिछले कई वर्षों से इस नेटवर्क से जुड़े थे। आरोपी लड़कियों को घूमाने, अच्छे कपड़े दिलाने और परिवार से मिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उनकी तस्वीरें राजस्थान में मौजूद सहयोगियों को भेजी जाती थीं और सौदा तय होने पर उन्हें वहां भेज दिया जाता था। एक लड़की की शादी कराने पर गिरोह को लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये मिलते थे।
एस आई सौरभ सिंह की टीम ने 3 जून को आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामले में दो चारपहिया वाहन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

*अनुराग तिवारी की रिपोर्ट*

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