विनय मिश्रा
लखनऊ राजधानी के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक यात्री द्वारा ट्रेन में बम होने की सूचना फैला दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस, जीआरपी तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं और मौके पर पहुंचकर ट्रेन की सघन जांच शुरू कर दी।सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रेन के सभी कोचों की बारीकी से तलाशी ली। यात्रियों के सामान की भी जांच की गई तथा स्टेशन परिसर में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। कई घंटों तक चली जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री अथवा सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली कोई वस्तु नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने बम होने की सूचना को पूरी तरह असत्य और अफवाह करार दिया।जांच के दौरान पुलिस ने सूचना फैलाने वाले व्यक्ति की पहचान सैनी जैकी (उम्र लगभग 26 वर्ष) पुत्र सोवनाथ निवासी विमलवाड़ा, थाना बेमू पुलवाड़ा, जनपद रजाना, तेलंगाना के रूप में की। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसे ट्रेन में बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही थी। इसी कारण उसने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना फैला दी, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूचना फैलते ही कई यात्री घबरा गए और ट्रेन से उतरकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। हालांकि पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित कर लिया और यात्रियों को किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।जीआरपी पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झूठी सूचना फैलाकर सार्वजनिक शांति भंग करने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने के मामले में उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने और ट्रेन को पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद उसे उसके अगले गंतव्य के लिए सकुशल रवाना कर दिया गया। घटना के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या झूठी सूचना फैलाने से बचें। ऐसी हरकतें न केवल सुरक्षा एजेंसियों का समय और संसाधन बर्बाद करती हैं, बल्कि यात्रियों के बीच अनावश्यक भय और भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न करती हैं।



