मोहनलालगंज, लखनऊ। नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को मोहनलालगंज बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर कस्बे में पैदल मार्च निकाला, सरकार के विरोध में नारेबाजी की और कुछ देर के लिए लखनऊ-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। बाद में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के.पी. सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी आकाश सिंह को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से देश के लाखों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों की कठिन मेहनत के बाद भी यदि परीक्षाओं की गोपनीयता सुरक्षित नहीं रह पाती है तो यह युवाओं के साथ अन्याय है। उनका आरोप था कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ बल प्रयोग किया गया, जिससे कई छात्र-छात्राएं घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठाई।बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के.पी. सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। यदि छात्र अपने भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे हैं तो उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता कौशलेंद्र शुक्ला ने कहा कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर करता है। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए तथा पेपर लीक में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।महामंत्री राम लखन ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखने के लिए दोषियों को शीघ्र सजा मिलनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अमरपाल सिंह ने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और व्यापक होगा।वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है। ऐसे में छात्रों के आंदोलन पर बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके।सपा नेता अरुणेश प्रताप सिंह ‘दल्लू’ ने कहा कि छात्र किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक पहल करनी चाहिए।धरना-प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अमरपाल सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता कौशलेंद्र शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष के.पी. सिंह, महामंत्री राम लखन, वरिष्ठ अधिवक्ता अमरीन प्रताप सिंह, समाजसेवी अरुणेश प्रताप सिंह ‘दल्लू’, सपा नेता नितुल शर्मा, शिव अटल सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता एवं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम आकाश सिंह को सौंपा और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई किए जाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी जारी रही तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
अनुराग तिवारी की रिपोर्ट



