Thursday, May 28, 2026

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गर्मी की गर्माहट ने सूखा दिए तालाब जनजीवन अस्त-व्यस्त बेजुबान पशु पक्षी तरस रहे पानी को ग्रामीणों की मांग तालाबों में भरवाया जाए पानी

ग्रामीणों की प्रशासन व
जिम्मेदारों से मांग तालाबों में भरवाया जाए पानी नहीं तो प्यासे मर जाएंगे बेजुबान

मोहनलालगंज,लखनऊ मई महीने में गर्मी पूरे शबाब पर नजर आ रही है। दोपहर में चिलचिलाती धूप गले को खुश्क कर रही है। 10 कदम चलने पर प्यास लग आती है। ऐसे में बस पानी की ही दरकार रहती है। जरा सोचिए इस हाल में अगर पानी न मिले तो क्या होगा। कुछ ऐसा ही इन दिनों पशु और पक्षियों के साथ हो रहा है। लोग तो कहीं न कहीं से व्यवस्था कर पेयजल का इंतजाम कर लेते हैं, लेकिन पशु-पक्षियों का सहारा तो तालाब और पोखर ही है। और वह भी सूखे पड़े हैं। क्षेत्र के अधिकतर तालाबों और पोखरों का पानी इन दिनों सूख चुका है। इनमें धूल उड़ रही है। ऐसे में पशु-पक्षियों को प्यासा रहना पड़ता है। तालाबों में पानी न होने की वजह से ग्रामीणों की अन्य जरूरतें भी नहीं पूरी हो पाती हैं।तापमान में बढ़ोतरी की रफ्तार यही रही तो पेयजल का संकट गहरा जाएगा।मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गांवों के अधिकतर तालाबों में पानी नहीं है। इसकी वजह से मवेशियों व ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। इसकी शिकायत एक पखवारा पूर्व ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों से की थी। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। तालाबों में पानी न होने से पशु-पक्षियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने इस ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तालाबों और पोखरों में पानी भरवाने की मांग की है।

अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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गर्मी की गर्माहट ने सूखा दिए तालाब जनजीवन अस्त-व्यस्त बेजुबान पशु पक्षी तरस रहे पानी को ग्रामीणों की मांग तालाबों में भरवाया जाए पानी

ग्रामीणों की प्रशासन व
जिम्मेदारों से मांग तालाबों में भरवाया जाए पानी नहीं तो प्यासे मर जाएंगे बेजुबान

मोहनलालगंज,लखनऊ मई महीने में गर्मी पूरे शबाब पर नजर आ रही है। दोपहर में चिलचिलाती धूप गले को खुश्क कर रही है। 10 कदम चलने पर प्यास लग आती है। ऐसे में बस पानी की ही दरकार रहती है। जरा सोचिए इस हाल में अगर पानी न मिले तो क्या होगा। कुछ ऐसा ही इन दिनों पशु और पक्षियों के साथ हो रहा है। लोग तो कहीं न कहीं से व्यवस्था कर पेयजल का इंतजाम कर लेते हैं, लेकिन पशु-पक्षियों का सहारा तो तालाब और पोखर ही है। और वह भी सूखे पड़े हैं। क्षेत्र के अधिकतर तालाबों और पोखरों का पानी इन दिनों सूख चुका है। इनमें धूल उड़ रही है। ऐसे में पशु-पक्षियों को प्यासा रहना पड़ता है। तालाबों में पानी न होने की वजह से ग्रामीणों की अन्य जरूरतें भी नहीं पूरी हो पाती हैं।तापमान में बढ़ोतरी की रफ्तार यही रही तो पेयजल का संकट गहरा जाएगा।मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गांवों के अधिकतर तालाबों में पानी नहीं है। इसकी वजह से मवेशियों व ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। इसकी शिकायत एक पखवारा पूर्व ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों से की थी। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। तालाबों में पानी न होने से पशु-पक्षियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने इस ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तालाबों और पोखरों में पानी भरवाने की मांग की है।

अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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