Thursday, May 28, 2026

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सील इमारतों पर जारी निर्माण से उठे सवाल, जोन-6 में ध्वस्तीकरण आदेश के बावजूद काम जारी….

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के जोन-6 में सील की गई इमारतों पर निर्माण कार्य जारी रहने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां किसी एक नहीं बल्कि कई सील इमारतों पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।जानकारी के अनुसार, अमीनाबाद स्थित विदयांत कॉलेज के सामने सील की गई इमारत अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। वहीं कैसरबाग के बास मंडी चौराहे पर भी सील तोड़कर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा गुलाटी पिपल मंदिर के सामने स्थित सील बिल्डिंग में भी सील तोड़कर निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।जोन-6 में तैनात अवर अभियंता सुनील कुमार, कुलदीप दुबे, केपी सिंह और सहायक अभियंता सतीश यादव के कार्यक्षेत्र में इस तरह अवैध निर्माण का लगातार जारी रहना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई पूरी कर मामले को टाल देते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।सूत्रों की मानें तो सील इमारतों में कथित बंदरबांट के चलते अवैध निर्माण का मकड़जाल फैलता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अमीनाबाद विदयांत कॉलेज के सामने बनी अवैध इमारत के ध्वस्तीकरण का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद निर्माण कार्य का पूरा हो जाना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है।एक ओर जहां ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं इमारतों में निर्माण पूरा होना विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।

संवाददाता : ओम की रिपोर्ट

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सील इमारतों पर जारी निर्माण से उठे सवाल, जोन-6 में ध्वस्तीकरण आदेश के बावजूद काम जारी….

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के जोन-6 में सील की गई इमारतों पर निर्माण कार्य जारी रहने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां किसी एक नहीं बल्कि कई सील इमारतों पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।जानकारी के अनुसार, अमीनाबाद स्थित विदयांत कॉलेज के सामने सील की गई इमारत अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। वहीं कैसरबाग के बास मंडी चौराहे पर भी सील तोड़कर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा गुलाटी पिपल मंदिर के सामने स्थित सील बिल्डिंग में भी सील तोड़कर निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।जोन-6 में तैनात अवर अभियंता सुनील कुमार, कुलदीप दुबे, केपी सिंह और सहायक अभियंता सतीश यादव के कार्यक्षेत्र में इस तरह अवैध निर्माण का लगातार जारी रहना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई पूरी कर मामले को टाल देते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।सूत्रों की मानें तो सील इमारतों में कथित बंदरबांट के चलते अवैध निर्माण का मकड़जाल फैलता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अमीनाबाद विदयांत कॉलेज के सामने बनी अवैध इमारत के ध्वस्तीकरण का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद निर्माण कार्य का पूरा हो जाना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है।एक ओर जहां ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं इमारतों में निर्माण पूरा होना विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।

संवाददाता : ओम की रिपोर्ट

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