Thursday, May 28, 2026

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गंगा एक्सप्रेसवे पर ‘टोल ठगी’ का आरोप, भाजपा जिलामंत्री ने दी तहरीर…

लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट

संभल/शाहजहांपुर:उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पर टोल वसूली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। संभल जिले के भाजपा जिलामंत्री ने टोल प्रणाली में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।जानकारी के अनुसार, अवधेश प्रताप सिंह ने संभल के लहरावन टोल प्लाजा से शाहजहांपुर इंटरचेंज तक लगभग 146 किलोमीटर की यात्रा की थी, लेकिन उनके फास्टैग से ₹1720 की राशि काट ली गई। आरोप है कि टोल सिस्टम ने वास्तविक दूरी के बजाय मेरठ से शाहजहांपुर तक की पूरी दूरी का शुल्क वसूल लिया।इस मामले में उन्होंने एक्सप्रेसवे के संचालन से जुड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित तहरीर दी है। घटना के बाद टोल प्रबंधन और डिजिटल सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।भाजपा नेता का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत नुकसान का मामला नहीं, बल्कि एक बड़ी तकनीकी खामी या संभावित वित्तीय अनियमितता का संकेत हो सकता है, जिससे आम नागरिक भी प्रभावित हो सकते हैं।पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है। संबंधित तकनीकी टीम और टोल ऑपरेटर से जवाब तलब किया जा सकता है। अब यह देखना अहम होगा कि यह मामला महज तकनीकी त्रुटि है या टोल वसूली में किसी बड़े स्तर की गड़बड़ी का संकेत।

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गंगा एक्सप्रेसवे पर ‘टोल ठगी’ का आरोप, भाजपा जिलामंत्री ने दी तहरीर…

लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट

संभल/शाहजहांपुर:उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पर टोल वसूली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। संभल जिले के भाजपा जिलामंत्री ने टोल प्रणाली में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।जानकारी के अनुसार, अवधेश प्रताप सिंह ने संभल के लहरावन टोल प्लाजा से शाहजहांपुर इंटरचेंज तक लगभग 146 किलोमीटर की यात्रा की थी, लेकिन उनके फास्टैग से ₹1720 की राशि काट ली गई। आरोप है कि टोल सिस्टम ने वास्तविक दूरी के बजाय मेरठ से शाहजहांपुर तक की पूरी दूरी का शुल्क वसूल लिया।इस मामले में उन्होंने एक्सप्रेसवे के संचालन से जुड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित तहरीर दी है। घटना के बाद टोल प्रबंधन और डिजिटल सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।भाजपा नेता का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत नुकसान का मामला नहीं, बल्कि एक बड़ी तकनीकी खामी या संभावित वित्तीय अनियमितता का संकेत हो सकता है, जिससे आम नागरिक भी प्रभावित हो सकते हैं।पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है। संबंधित तकनीकी टीम और टोल ऑपरेटर से जवाब तलब किया जा सकता है। अब यह देखना अहम होगा कि यह मामला महज तकनीकी त्रुटि है या टोल वसूली में किसी बड़े स्तर की गड़बड़ी का संकेत।

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