Thursday, July 30, 2026

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अमीनाबाद सहित कई बाजारों में 30 फुट गहरे बेसमेंट में चल रही दुकानेंअवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बड़ा खतरा

लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट

लखनऊ। राजधानी के पुराने और व्यस्त बाजारों में अवैध बेसमेंट निर्माण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। अमीनाबाद समेत शहर के कई प्रमुख बाजारों में 30 फुट तक गहरे बेसमेंट में दुकानें संचालित की जा रही हैं, जहां सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर बिना फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट के ही कपड़े, जूते और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं।हाल ही में हुए अग्निकांडों के बाद प्रशासन ने शहर में अवैध बेसमेंट के खिलाफ कार्रवाई का दावा जरूर किया, लेकिन अमीनाबाद जैसे बड़े बाजारों में स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि बाजारों के नीचे बने गहरे बेसमेंट किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।रिपोर्ट के अनुसार, कई दुकानदारों ने एक के नीचे एक कई मंजिला बेसमेंट बना लिए हैं। कहीं दो मंजिला तो कहीं तीन मंजिला बेसमेंट में दुकानें संचालित हो रही हैं। संकरी सीढ़ियां, खराब वेंटिलेशन और बिजली के तारों का जाल हादसे की आशंका को और बढ़ा रहा है। यदि आग लग जाए तो नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो सकता है।बताया जा रहा है कि आठ साल पहले हुए भीषण अग्निकांड के बाद एलडीए ने अवैध बेसमेंट के खिलाफ अभियान चलाया था। कई दुकानों को बंद कराने और कुछ निर्माण सील करने की कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन समय बीतने के साथ कार्रवाई ठंडी पड़ गई। अब फिर से बाजारों में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ गया है।जानकारी के मुताबिक, नगर निगम के स्वामित्व वाले गड़बड़झाला क्षेत्र में करीब 229 और मोहन मार्केट में 33 अवैध बेसमेंट चिन्हित किए गए थे। इसके अलावा अन्य बाजारों में भी बड़ी संख्या में बिना नक्शा पास कराए बेसमेंट बनाए गए हैं।व्यापारियों का कहना है कि दिन में हजारों लोग इन बाजारों में खरीदारी के लिए आते हैं। ऐसे में यदि किसी बेसमेंट में आग लगती है तो भगदड़ और दम घुटने जैसी स्थिति बन सकती है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने बाजारों में बेसमेंट निर्माण की नियमित जांच, फायर सेफ्टी ऑडिट और अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, अन्यथा भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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अमीनाबाद सहित कई बाजारों में 30 फुट गहरे बेसमेंट में चल रही दुकानेंअवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बड़ा खतरा

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लखनऊ। राजधानी के पुराने और व्यस्त बाजारों में अवैध बेसमेंट निर्माण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। अमीनाबाद समेत शहर के कई प्रमुख बाजारों में 30 फुट तक गहरे बेसमेंट में दुकानें संचालित की जा रही हैं, जहां सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर बिना फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट के ही कपड़े, जूते और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं।हाल ही में हुए अग्निकांडों के बाद प्रशासन ने शहर में अवैध बेसमेंट के खिलाफ कार्रवाई का दावा जरूर किया, लेकिन अमीनाबाद जैसे बड़े बाजारों में स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि बाजारों के नीचे बने गहरे बेसमेंट किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।रिपोर्ट के अनुसार, कई दुकानदारों ने एक के नीचे एक कई मंजिला बेसमेंट बना लिए हैं। कहीं दो मंजिला तो कहीं तीन मंजिला बेसमेंट में दुकानें संचालित हो रही हैं। संकरी सीढ़ियां, खराब वेंटिलेशन और बिजली के तारों का जाल हादसे की आशंका को और बढ़ा रहा है। यदि आग लग जाए तो नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो सकता है।बताया जा रहा है कि आठ साल पहले हुए भीषण अग्निकांड के बाद एलडीए ने अवैध बेसमेंट के खिलाफ अभियान चलाया था। कई दुकानों को बंद कराने और कुछ निर्माण सील करने की कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन समय बीतने के साथ कार्रवाई ठंडी पड़ गई। अब फिर से बाजारों में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ गया है।जानकारी के मुताबिक, नगर निगम के स्वामित्व वाले गड़बड़झाला क्षेत्र में करीब 229 और मोहन मार्केट में 33 अवैध बेसमेंट चिन्हित किए गए थे। इसके अलावा अन्य बाजारों में भी बड़ी संख्या में बिना नक्शा पास कराए बेसमेंट बनाए गए हैं।व्यापारियों का कहना है कि दिन में हजारों लोग इन बाजारों में खरीदारी के लिए आते हैं। ऐसे में यदि किसी बेसमेंट में आग लगती है तो भगदड़ और दम घुटने जैसी स्थिति बन सकती है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने बाजारों में बेसमेंट निर्माण की नियमित जांच, फायर सेफ्टी ऑडिट और अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, अन्यथा भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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