लखनऊ केसरी – सनी पाण्डेय
सीएसआर फंड से 10 करोड़ की परियोजना, 300 लोगों के ठहरने की होगी व्यवस्था
लखनऊ।
राजधानी में निराश्रित बुजुर्गों और कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए नगर निगम एक और वृद्धाश्रम (केयर सेंटर) और महिला छात्रावास का निर्माण कराने जा रहा है। इसके लिए मोहनलालगंज तहसील के मस्तेमऊ गांव में करीब 5000 वर्ग मीटर जमीन चिह्नित कर ली गई है। इस परियोजना को सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से विकसित किया जाएगा।
नगर निगम सदन से जमीन आवंटन को मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
200 बुजुर्गों और 100 महिलाओं को मिलेगा आश्रय
अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रस्तावित वृद्धाश्रम में करीब 200 निराश्रित बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था होगी, जबकि महिला छात्रावास में 100 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
पहले से संचालित है एक वृद्धाश्रम
वर्तमान में नगर निगम द्वारा आदिल नगर में एक वृद्धाश्रम संचालित किया जा रहा है, जिसका संचालन एक स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से होता है। इसके बिजली और अन्य खर्च नगर निगम वहन करता है। यह केंद्र करीब 20 वर्ष पहले स्थापित किया गया था। अब शहर में दूसरा वृद्धाश्रम बनने से जरूरतमंदों को और अधिक सुविधा मिलेगी।
महिलाओं के लिए बढ़ेगी आवासीय सुविधा
नगर निगम क्षेत्र में अभी तक कामकाजी महिलाओं के लिए कोई छात्रावास संचालित नहीं है। हालांकि बिजनौर क्षेत्र में एक महिला छात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो अगले एक वर्ष में पूरा होने की संभावना है। मस्तेमऊ में प्रस्तावित छात्रावास इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सामाजिक सरोकार की दिशा में पहल
नगर निगम की यह पहल सामाजिक सरोकार और शहरी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल बुजुर्गों को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि कामकाजी महिलाओं को भी किफायती और सुरक्षित आवास की सुविधा मिल सकेगी।



