लखनऊ केसरी से मुकुल सिंह की रिपोर्ट
तेहरान/नई दिल्ली।मध्य-पूर्व से आई एक अहम खबर में ईरान ने संकेत दिया है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही अगले 30 दिनों में युद्ध-पूर्व स्तर तक पहुंच सकती है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और रणनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह पहले जैसी नहीं होंगी।तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को सामान्य करने के लिए प्रारंभिक सहमति बनती दिखाई दे रही है। ईरान ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से कमर्शियल शिपिंग को बढ़ाया जाएगा, ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े दबाव को कम किया जा सके।वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अहम मार्गहोर्मुज जलडमरूमध्य को विश्व का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।यहां से होकर बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का निर्यात होता है। हालिया तनाव और संघर्ष के चलते इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ, जिससे कई देशों में ईंधन संकट और आर्थिक दबाव बढ़ा।पूरी तरह सामान्य नहीं होगी स्थितिईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही जहाजों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय हालात पहले जैसे नहीं होंगे। इससे संकेत मिलता है कि जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।बाजार पर पड़ेगा असरविशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले एक महीने में होर्मुज में ट्रैफिक सामान्य होता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव वैश्विक तेल कीमतों और व्यापार पर पड़ सकता है।



