ऋषिकेश (उत्तराखंड) : योग नगरी रेलवे स्टेशन के समीप खांड गांव क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। उज्जैनी एक्सप्रेस शंटिंग के दौरान अचानक अनियंत्रित हो गई, जिसके चलते ट्रेन का इंजन और उसके तीन कोच पटरी से उतर गए। हादसे के दौरान ट्रेन स्टेशन परिसर की दीवार से टकरा गई, जिससे दीवार को भी भारी नुकसान पहुंचा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शंटिंग प्रक्रिया के दौरान ट्रेन की गति अचानक बढ़ गई और चालक उसे नियंत्रित नहीं कर पाया। देखते ही देखते इंजन पटरी से उतर गया और पीछे लगे तीन डिब्बे भी बेपटरी हो गए। हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।हालांकि, राहत की बात यह रही कि ट्रेन खाली थी, जिससे किसी भी यात्री या रेलवे कर्मचारी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यदि ट्रेन में यात्री होते, तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल और राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गए। टीमों ने क्षेत्र को घेरकर स्थिति को नियंत्रित किया और पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने तथा ट्रैक को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया।रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खामी या ब्रेक सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
ऋषिकेश (उत्तराखंड) : योग नगरी रेलवे स्टेशन के समीप खांड गांव क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। उज्जैनी एक्सप्रेस शंटिंग के दौरान अचानक अनियंत्रित हो गई, जिसके चलते ट्रेन का इंजन और उसके तीन कोच पटरी से उतर गए। हादसे के दौरान ट्रेन स्टेशन परिसर की दीवार से टकरा गई, जिससे दीवार को भी भारी नुकसान पहुंचा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शंटिंग प्रक्रिया के दौरान ट्रेन की गति अचानक बढ़ गई और चालक उसे नियंत्रित नहीं कर पाया। देखते ही देखते इंजन पटरी से उतर गया और पीछे लगे तीन डिब्बे भी बेपटरी हो गए। हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।हालांकि, राहत की बात यह रही कि ट्रेन खाली थी, जिससे किसी भी यात्री या रेलवे कर्मचारी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यदि ट्रेन में यात्री होते, तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल और राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गए। टीमों ने क्षेत्र को घेरकर स्थिति को नियंत्रित किया और पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने तथा ट्रैक को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया।रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खामी या ब्रेक सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।



