Thursday, May 28, 2026

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लखनऊ में आयुष्मान योजना पर बड़ी कार्रवाई, 200 निजी अस्पतालों पर गिरी गाज

लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट

लखनऊ, शनिवार: उत्तर प्रदेश सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के करीब 200 निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत लगभग 100 अस्पतालों का भुगतान रोक दिया गया है, जबकि करीब 100 अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य योजना के तहत मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संबंधित अस्पतालों ने HEM 2.0 पोर्टल पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं कीं और कई बार चेतावनी व अवसर दिए जाने के बावजूद निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया। एजेंसी ने अस्पतालों को ई-मेल, फोन कॉल और बैठकों के माध्यम से लगातार सहयोग भी प्रदान किया था।जांच में पाया गया कि कई अस्पताल 35 अनिवार्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें फायर NOC, वैध रजिस्ट्रेशन, चिकित्सकीय योग्यता और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गंभीर कमियां शामिल हैं।हालांकि विभाग ने यह भी बताया कि 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक HEM 2.0 प्रणाली पर माइग्रेट हो चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कार्रवाई केवल नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर ही केंद्रित है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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लखनऊ में आयुष्मान योजना पर बड़ी कार्रवाई, 200 निजी अस्पतालों पर गिरी गाज

लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट

लखनऊ, शनिवार: उत्तर प्रदेश सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के करीब 200 निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत लगभग 100 अस्पतालों का भुगतान रोक दिया गया है, जबकि करीब 100 अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य योजना के तहत मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संबंधित अस्पतालों ने HEM 2.0 पोर्टल पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं कीं और कई बार चेतावनी व अवसर दिए जाने के बावजूद निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया। एजेंसी ने अस्पतालों को ई-मेल, फोन कॉल और बैठकों के माध्यम से लगातार सहयोग भी प्रदान किया था।जांच में पाया गया कि कई अस्पताल 35 अनिवार्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें फायर NOC, वैध रजिस्ट्रेशन, चिकित्सकीय योग्यता और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गंभीर कमियां शामिल हैं।हालांकि विभाग ने यह भी बताया कि 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक HEM 2.0 प्रणाली पर माइग्रेट हो चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कार्रवाई केवल नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर ही केंद्रित है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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