Thursday, May 28, 2026

National

spot_img

लखनऊ | विश्व अस्थमा दिवस पर KGMU की अहम एडवाइजरी जारी….

राजधानी लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों ने अस्थमा के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए सही इलाज और जागरूकता पर जोर दिया है।KGMU के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि “अस्थमा को भगाना है तो सही इनहेलर अपनाना है।” उन्होंने बताया कि इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉयड (ICS) अस्थमा के इलाज में सबसे प्रभावी और जरूरी दवा है।संस्थान के अनुसार भारत में 3.4 करोड़ से अधिक लोग अस्थमा से पीड़ित हैं, जबकि दुनिया भर में यह संख्या लगभग 26.2 करोड़ है। हर साल करीब 4.55 लाख लोगों की मौत अस्थमा के कारण होती है। भारत में 2 से 5 प्रतिशत आबादी इस बीमारी की चपेट में है।विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण, धूल, धुआं और एलर्जी अस्थमा के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा जागरूकता की कमी और महंगे इलाज के चलते मरीज समय पर उपचार नहीं करा पाते, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अस्थमा के मरीज नियमित रूप से इनहेलर का उपयोग करें, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें और प्रदूषण से बचाव करें। सही इलाज और सतर्कता से अस्थमा के मरीज भी सामान्य जीवन जी सकते हैं।

लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट

International

spot_img

लखनऊ | विश्व अस्थमा दिवस पर KGMU की अहम एडवाइजरी जारी….

राजधानी लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों ने अस्थमा के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए सही इलाज और जागरूकता पर जोर दिया है।KGMU के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि “अस्थमा को भगाना है तो सही इनहेलर अपनाना है।” उन्होंने बताया कि इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉयड (ICS) अस्थमा के इलाज में सबसे प्रभावी और जरूरी दवा है।संस्थान के अनुसार भारत में 3.4 करोड़ से अधिक लोग अस्थमा से पीड़ित हैं, जबकि दुनिया भर में यह संख्या लगभग 26.2 करोड़ है। हर साल करीब 4.55 लाख लोगों की मौत अस्थमा के कारण होती है। भारत में 2 से 5 प्रतिशत आबादी इस बीमारी की चपेट में है।विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण, धूल, धुआं और एलर्जी अस्थमा के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा जागरूकता की कमी और महंगे इलाज के चलते मरीज समय पर उपचार नहीं करा पाते, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अस्थमा के मरीज नियमित रूप से इनहेलर का उपयोग करें, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें और प्रदूषण से बचाव करें। सही इलाज और सतर्कता से अस्थमा के मरीज भी सामान्य जीवन जी सकते हैं।

लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES