लखनऊ: सरोजनीनगर क्षेत्र एक बार फिर भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा, जब विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में संचालित रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा का 57वां चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस चरण में ग्राम सोहावा और जैतीखेड़ा से 50 श्रद्धालुओं का दल पावन नगरी अयोध्या पहुंचकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर सकुशल लौट आया।यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और “जय श्रीराम” के जयघोष के साथ पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। हर श्रद्धालु के चेहरे पर संतोष और मन में प्रभु के प्रति गहरी आस्था स्पष्ट रूप से दिखाई दी।पिछले तीन वर्षों से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में निरंतर संचालित यह यात्रा अब जन-आस्था का मजबूत प्रतीक बन चुकी है। यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और संस्कारों को समाज में स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। इस पहल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में जोड़ना और उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर मिलता है। “सेवा ही साधना है” की भावना को साकार करते हुए यह पहल हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रही है।विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों का ही परिणाम है कि अब तक 8000 से अधिक श्रद्धालु इस यात्रा के माध्यम से अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सनातन मूल्यों के प्रसार में भी अहम भूमिका निभा रही है।आज रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा सरोजनीनगर की एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का कार्य कर रही है, साथ ही समाज में भक्ति, एकता और सेवा का संदेश निरंतर प्रसारित कर रही है।
राष्ट्रीय लखनऊ केसरी से ओम की रिपोर्ट



