Thursday, May 28, 2026

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*यूपी में भीषण गर्मी को लेकर अलर्ट, स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर खास फोकस

अनुराग तिवारी की खास रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए योगी सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। खास तौर पर स्कूलों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार ने स्कूलों में मिड-डे मील (MDM) व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। हीटवेव से बचाव के लिए सभी विद्यालयों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
निर्देशों के तहत स्कूलों में समयबद्ध गतिविधियां संचालित की जाएंगी और बच्चों को तेज धूप से बचाने के उपाय किए जाएंगे। साथ ही ORS, ग्लूकोज और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयरन की गोलियों का वितरण भी किया जा रहा है।
प्रशासन ने डेटा आधारित रणनीति के जरिए गर्मी की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर अधिकारियों को नियमित समीक्षा कर हालात पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
इसके अलावा आमजन और खासकर बच्चों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। स्कूल परिसरों में छाया, पेयजल और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।
सरकार के इन कदमों का उद्देश्य भीषण गर्मी के प्रभाव को कम करते हुए बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है

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*यूपी में भीषण गर्मी को लेकर अलर्ट, स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर खास फोकस

अनुराग तिवारी की खास रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए योगी सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। खास तौर पर स्कूलों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार ने स्कूलों में मिड-डे मील (MDM) व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। हीटवेव से बचाव के लिए सभी विद्यालयों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
निर्देशों के तहत स्कूलों में समयबद्ध गतिविधियां संचालित की जाएंगी और बच्चों को तेज धूप से बचाने के उपाय किए जाएंगे। साथ ही ORS, ग्लूकोज और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयरन की गोलियों का वितरण भी किया जा रहा है।
प्रशासन ने डेटा आधारित रणनीति के जरिए गर्मी की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर अधिकारियों को नियमित समीक्षा कर हालात पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
इसके अलावा आमजन और खासकर बच्चों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। स्कूल परिसरों में छाया, पेयजल और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।
सरकार के इन कदमों का उद्देश्य भीषण गर्मी के प्रभाव को कम करते हुए बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है

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