Thursday, May 28, 2026

National

spot_img

सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट के खिलाफ सपाइयों का विरोध, पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग

विनय मिश्रा

पीजीआई, लखनऊ। Akhilesh Yadav के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी भरी पोस्ट को लेकर रविवार को राजधानी में सियासी माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए थाना पीजीआई पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और प्रभारी निरीक्षक को तहरीर सौंपते हुए मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की।
समाजवादी अधिवक्ता सभा, लखनऊ के जिलाध्यक्ष अंजनी प्रकाश यादव एडवोकेट के नेतृत्व में पहुंचे सपाइयों ने आरोप लगाया कि भाजपा की महिला नेत्री उर्मिला सिंह द्वारा फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें जूते मारने तथा जमीन में जिंदा गाड़ देने जैसी धमकी दी गई है।
तहरीर में यह भी कहा गया कि वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री Mulayam Singh Yadav और अखिलेश यादव पर आतंकवादियों से संबंध होने जैसे गंभीर एवं आपत्तिजनक आरोप लगाए गए हैं।
समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष अंजनी प्रकाश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध स्वाभाविक है, लेकिन किसी जननेता के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र और उकसाऊ भाषा का प्रयोग करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया जा रहा है और करोड़ों समाजवादी समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग राजनीतिक संवाद और विचार रखने के लिए होना चाहिए, न कि धमकी और नफरत फैलाने के लिए। यदि समय रहते इस प्रकार की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपित महिला नेत्री के खिलाफ पूर्व में भी थाना पीजीआई में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो चुका है। सपाइयों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और आरोपित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इस दौरान जिला महासचिव शब्बीर खान, समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार पाल, अधिवक्ता सभा के जिला महासचिव जी.एच. जैदी, शिक्षक सभा के प्रदेश महासचिव दिनेश सिंह, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रामसागर पासी, जिला उपाध्यक्ष अनिल पासी, जिला पंचायत सदस्य कैप्टन यादव, राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता सभा विपिन पाल, व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष संजय यादव, जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह, जिला सचिव सुरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो समाजवादी कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

International

spot_img

सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट के खिलाफ सपाइयों का विरोध, पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग

विनय मिश्रा

पीजीआई, लखनऊ। Akhilesh Yadav के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी भरी पोस्ट को लेकर रविवार को राजधानी में सियासी माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए थाना पीजीआई पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और प्रभारी निरीक्षक को तहरीर सौंपते हुए मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की।
समाजवादी अधिवक्ता सभा, लखनऊ के जिलाध्यक्ष अंजनी प्रकाश यादव एडवोकेट के नेतृत्व में पहुंचे सपाइयों ने आरोप लगाया कि भाजपा की महिला नेत्री उर्मिला सिंह द्वारा फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें जूते मारने तथा जमीन में जिंदा गाड़ देने जैसी धमकी दी गई है।
तहरीर में यह भी कहा गया कि वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री Mulayam Singh Yadav और अखिलेश यादव पर आतंकवादियों से संबंध होने जैसे गंभीर एवं आपत्तिजनक आरोप लगाए गए हैं।
समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष अंजनी प्रकाश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध स्वाभाविक है, लेकिन किसी जननेता के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र और उकसाऊ भाषा का प्रयोग करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया जा रहा है और करोड़ों समाजवादी समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग राजनीतिक संवाद और विचार रखने के लिए होना चाहिए, न कि धमकी और नफरत फैलाने के लिए। यदि समय रहते इस प्रकार की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपित महिला नेत्री के खिलाफ पूर्व में भी थाना पीजीआई में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो चुका है। सपाइयों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और आरोपित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इस दौरान जिला महासचिव शब्बीर खान, समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार पाल, अधिवक्ता सभा के जिला महासचिव जी.एच. जैदी, शिक्षक सभा के प्रदेश महासचिव दिनेश सिंह, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रामसागर पासी, जिला उपाध्यक्ष अनिल पासी, जिला पंचायत सदस्य कैप्टन यादव, राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता सभा विपिन पाल, व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष संजय यादव, जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह, जिला सचिव सुरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो समाजवादी कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES