विनय मिश्रा
लखनऊ। Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences (एसजीपीजीआई) में सोमवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब लिवर ट्रांसप्लांट वार्ड में भर्ती एक मरीज का शव खून से लथपथ हालत में मिला। मृतक की पहचान मुस्ताक अली (61 वर्ष) निवासी बस्ती के रूप में हुई है, जो कैंसर से पीड़ित था।जानकारी के अनुसार वार्ड में ही सर्जिकल ब्लेड से उसका गला रेता गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पास में ही सो रहे उसके भाई मुख्तार अली को घटना की भनक तक नहीं लगी। सुबह मरीज को खून से लथपथ हालत में देखकर वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।बताया गया कि मुस्ताक अली को 21 अप्रैल को एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था। गैस्ट्रो विभाग के डॉक्टर आशीष की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। मरीज को हार्ट की भी गंभीर समस्या थी और पिछले सात-आठ महीनों से लिवर संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा था। परिजन के अनुसार वह आर्थिक तंगी से भी गुजर रहे थे।घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक घटना का मेमो सुबह करीब 6:30 बजे मिला, जिसके बाद डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी मौके पर पहुंचे। एसजीपीजीआई के सीएमएस देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि सुबह 6:30 बजे मौत की सूचना प्राप्त हुई। वहीं डीसीपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि अटेंडेंट ने करीब 4:30 बजे मरीज के गले से खून निकलते देखा, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ को सूचना दी गई।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। इस सनसनीखेज घटना के बाद अस्पताल परिसर में दहशत और हड़कंप का माहौल बना हुआ है।



