Thursday, July 30, 2026

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जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद सरस्वती ने गौ रक्षा हेतु भ्रमण भक्तों की मौजूदगी में शंकराचार्य ने गौ संरक्षण का किया आह्वान……

मोहनलालगंज, लखनऊ। गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत गुरुवार की शाम जगतगुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 1008 जी महाराज का मोहनलालगंज आगमन हुआ। उनके पहुंचते ही क्षेत्र का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।मोहनलालगंज नगर पंचायत क्षेत्र के रानीखेड़ा में स्थित एसडीवी एकेडमी स्कूल परिसर में आयोजित विशाल जनसभा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, संत, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, युवा और महिलाओं ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।शंकराचार्य के आगमन पर विद्यालय के प्रबंधक लवकुश यादव, संत-महात्माओं तथा स्थानीय लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर जयघोष और धार्मिक नारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त कर गौ संरक्षण का संकल्प भी लिया।सभा को संबोधित करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का स्थान सर्वोच्च है, लेकिन वर्तमान समय में उन्हें केवल एक पशु की श्रेणी में रखा जाना सनातन परंपरा का अपमान है। उन्होंने कहा कि गौ माता केवल दूध देने वाला पशु नहीं, बल्कि भारतीय कृषि, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और संस्कृति की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिया जाता और पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाता, तब तक भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना अधूरा रहेगा।उन्होंने केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाकर प्रभावी गौ संरक्षण कानून बनाने की मांग की। साथ ही गौहत्या करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करने तथा गौशालाओं को आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन के दौरान शंकराचार्य ने राजनीतिक विषय पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा के लिए वर्ष 2027 में सत्ता परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता को जाति और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए मतदान करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, पूर्व विधायक अम्बरीश सिंह पुष्कर, पूर्व बार अध्यक्ष श्रवण कुमार यादव, अमरेंद्र सिंह यादव, अरुणेश प्रताप सिंह, राजकिशोर राजू, नितुल शर्मा, सतीष गुप्ता, मयंक यादव, जय सिंह यादव, ऋतिक यादव, रामसमुझ रावत, अर्चना रावत, उमेश प्रधान, बृजेश यादव, कन्हैया लाल यादव, शिवम गोलू, पदम प्रधान, दिलीप यादव, अंशु यादव, सतीश यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही और उन्होंने गौ रक्षा का संकल्प लिया।सभा के समापन के बाद जगतगुरु शंकराचार्य का रात्रि विश्राम एसडीवी एकेडमी, रानीखेड़ा में हुआ। आयोजकों ने बताया कि शुक्रवार सुबह वे अपने लाव-लश्कर के साथ उन्नाव जनपद के मौरावां के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा का उद्देश्य गांव-गांव पहुंचकर लोगों में गौ संरक्षण एवं सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना है।

अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद सरस्वती ने गौ रक्षा हेतु भ्रमण भक्तों की मौजूदगी में शंकराचार्य ने गौ संरक्षण का किया आह्वान……

मोहनलालगंज, लखनऊ। गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत गुरुवार की शाम जगतगुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 1008 जी महाराज का मोहनलालगंज आगमन हुआ। उनके पहुंचते ही क्षेत्र का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।मोहनलालगंज नगर पंचायत क्षेत्र के रानीखेड़ा में स्थित एसडीवी एकेडमी स्कूल परिसर में आयोजित विशाल जनसभा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, संत, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, युवा और महिलाओं ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।शंकराचार्य के आगमन पर विद्यालय के प्रबंधक लवकुश यादव, संत-महात्माओं तथा स्थानीय लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर जयघोष और धार्मिक नारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त कर गौ संरक्षण का संकल्प भी लिया।सभा को संबोधित करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का स्थान सर्वोच्च है, लेकिन वर्तमान समय में उन्हें केवल एक पशु की श्रेणी में रखा जाना सनातन परंपरा का अपमान है। उन्होंने कहा कि गौ माता केवल दूध देने वाला पशु नहीं, बल्कि भारतीय कृषि, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और संस्कृति की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिया जाता और पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाता, तब तक भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना अधूरा रहेगा।उन्होंने केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाकर प्रभावी गौ संरक्षण कानून बनाने की मांग की। साथ ही गौहत्या करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करने तथा गौशालाओं को आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन के दौरान शंकराचार्य ने राजनीतिक विषय पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा के लिए वर्ष 2027 में सत्ता परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता को जाति और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए मतदान करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, पूर्व विधायक अम्बरीश सिंह पुष्कर, पूर्व बार अध्यक्ष श्रवण कुमार यादव, अमरेंद्र सिंह यादव, अरुणेश प्रताप सिंह, राजकिशोर राजू, नितुल शर्मा, सतीष गुप्ता, मयंक यादव, जय सिंह यादव, ऋतिक यादव, रामसमुझ रावत, अर्चना रावत, उमेश प्रधान, बृजेश यादव, कन्हैया लाल यादव, शिवम गोलू, पदम प्रधान, दिलीप यादव, अंशु यादव, सतीश यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही और उन्होंने गौ रक्षा का संकल्प लिया।सभा के समापन के बाद जगतगुरु शंकराचार्य का रात्रि विश्राम एसडीवी एकेडमी, रानीखेड़ा में हुआ। आयोजकों ने बताया कि शुक्रवार सुबह वे अपने लाव-लश्कर के साथ उन्नाव जनपद के मौरावां के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा का उद्देश्य गांव-गांव पहुंचकर लोगों में गौ संरक्षण एवं सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना है।

अनुराग तिवारी की रिपोर्ट

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