सीतापुर। प्रदेश सरकार भले ही अवैध खनन के खिलाफ सख्ती, नियमित अभियान और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के दावे कर रही हो, लेकिन सीतापुर जिले के रामपुर कला थाना क्षेत्र से सामने आया एक मामला इन दावों की हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध खनन का कारोबार बेखौफ तरीके से जारी है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद न तो खनन पूरी तरह रुका और न ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पीड़ित लल्लू का आरोप है कि अवैध खनन के चलते उनकी कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके पुत्र अशोक शुक्ला का कहना है कि उन्होंने न्याय की उम्मीद में तहसील, थाना, खनन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन आज तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। उनका दावा है कि शिकायतों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें लगातार एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेजा जाता रहा, जिससे परिवार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से परेशान है।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि जब अशोक शुक्ला अपनी शिकायत लेकर रामपुर कला थाने पहुंचे तो उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया और उन्हें बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस लौटा दिया गया। वहीं, उपजिलाधिकारी सिधौली को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपने के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया होता, तो अवैध खनन पर रोक लग सकती थी और उनकी भूमि को नुकसान से बचाया जा सकता था। अब परिवार निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उन्हें न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।
ग्रामीणों में नाराजगी, जांच पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध खनन का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे किसानों की उपजाऊ जमीन प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार शिकायत के बाद खनन विभाग की ओर से जांच के लिए टीम भेजी गई और लेखपाल ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन आरोप है कि जांच के दौरान कुछ लोगों ने अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की।
शिकायत करने पर धमकाने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि अवैध खनन की शिकायत करने के बाद उन्हें जान से मारने और जमीन में दफनाने तक की धमकियां दी गईं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका है।
प्रशांत अवस्थी



