📰 हापुड़ में कचरी और सॉस में मिला खतरनाक केमिकल, जांच रिपोर्ट से बड़ा खुलासाहापुड़:हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। बच्चों और युवाओं की पसंदीदा चटपटी कचरी तथा रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सॉस के नमूनों में खतरनाक केमिकल पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में दोनों खाद्य पदार्थों को असुरक्षित घोषित किया गया है, जिससे लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ की पुष्टि हुई है।जानकारी के अनुसार, होली के दौरान कचरी में मिलावट की शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान करीब 12 से 13 क्विंटल रंगीन कचरी जब्त की गई थी। विभाग ने मौके से कई नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था।अब आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कचरी में कार्मोसिन नामक प्रतिबंधित रंग का इस्तेमाल किया गया था। यह एक सिंथेटिक केमिकल है, जिसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के रसायनों का लगातार सेवन बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।जांच में यह भी सामने आया कि बाजार में बिक रही कुछ सॉस के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग ने संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आगे भी अभियान जारी रहेगा, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
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📰 हापुड़ में कचरी और सॉस में मिला खतरनाक केमिकल, जांच रिपोर्ट से बड़ा खुलासाहापुड़:हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। बच्चों और युवाओं की पसंदीदा चटपटी कचरी तथा रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सॉस के नमूनों में खतरनाक केमिकल पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में दोनों खाद्य पदार्थों को असुरक्षित घोषित किया गया है, जिससे लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ की पुष्टि हुई है।जानकारी के अनुसार, होली के दौरान कचरी में मिलावट की शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान करीब 12 से 13 क्विंटल रंगीन कचरी जब्त की गई थी। विभाग ने मौके से कई नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था।अब आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कचरी में कार्मोसिन नामक प्रतिबंधित रंग का इस्तेमाल किया गया था। यह एक सिंथेटिक केमिकल है, जिसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के रसायनों का लगातार सेवन बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।जांच में यह भी सामने आया कि बाजार में बिक रही कुछ सॉस के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग ने संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आगे भी अभियान जारी रहेगा, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।



