Thursday, May 28, 2026

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594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे: 12 शहर, 36 हजार करोड़ का खर्च, 19 साल बाद हकीकत बनने जा रहे 2007 के सपने में क्या-क्या खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से इस ई-वे की शुरुआत किए जाने के बाद इसके अगले चरण में एक्सप्रेस-वे को और बढ़ाने की तैयारियां भी जारी हैं।

2014 बनाम 2025–26: तेज गति से बदलता हुआ भारत

राष्ट्रीय राजमार्ग:

2014 → 91,000 किमी
2026 → 1,46,000 किमी

एक्सप्रेसवे:

2014 → ~100 किमी
2026 → 2,400+ किमी

हवाई अड्डे:

2014 → 74
2026 → ~157

रेलवे नेटवर्क:

2014 → ~66,000 किमी
2026 → ~70,000 किमी

रेलवे विद्युतीकरण:

2014 → ~22,000 किमी
2026 → ~69,000 किमी

मेट्रो नेटवर्क:

2014 → ~250 किमी
2026 → ~900+ किमी

सड़क, एयरपोर्ट, मेट्रो और बिजलीकरण में तेज़ बदलाव

नया भारत: तेज़, कनेक्टेड और आधुनिक

उत्तर प्रदेश ने बीते कुछ वर्षों में हाईवे और एक्सप्रेस-वे का जाल तेजी से बिछा है। नोएडा और आगरा के बीच बने एक्सप्रेस-वे के बाद से राज्य में अब तक पांच एक्सप्रेस-वे अस्तित्व में आ चुके हैं। अब 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में छठवें एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन है।

● गंगा एक्सप्रेस-वे की नींव योगी सरकार के कार्यकाल में 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से रखी गई थी। हालांकि, इसकी परिकल्पना और जरूरत को लेकर पहली बार चर्चाएं 2000 के दशक में ही शुरू हो गई थीं।
● गंगा एक्सप्रेस-वे का विचार पहली बार 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती की तरफ से प्रस्तावित किया गया था।
● अगले करीब 12 साल तक इस प्रोजेक्ट पर कोई चर्चा तक नहीं हुई। इस बीच राज्य में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी सरकार ने नोएडा-आगरा एक्सप्रेस-वे को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया।
● 29 जनवरी 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को पुनर्जीवित किया। पर्यावरण के मानकों को पूरा करने के लिए, नए एक्सप्रेस-वे को गंगा नदी से 10 किलोमीटर की दूरी पर लगभग समानांतर बनाने की योजना तैयार की गई।
● गंगा एक्सप्रेस-वे भारत के सबसे लंबे और आधुनिक एक्सप्रेस-वे में से एक है।
● शाहजहांपुर के जलालाबाद में एक्सप्रेस-वे पर 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन हवाई पट्टी बनाई गई है।
● यह देश की पहली ऐसी हवाई पट्टी है जहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान दिन और रात दोनों समय सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ कर सकते हैं।
● बीते साल इस हवाई पट्टी पर राफेल, सुखोई 30-एमकेआई, मिराज-2000, एएन-32 और एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर की लैंडिंग और टेकऑफ का परीक्षण किया गया था।
● रास्ते में यात्रियों के लिए विश्राम स्थल, भोजनालय, पेट्रोल पंप और आपात स्थिति के लिए ट्रॉमा सेंटर जैसी सार्वजनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
● इसके दोनों ओर गंगा औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जिसमें आईटी पार्क, फार्मा पार्क और टेक्सटाइल पार्क बनेंगे, जिससे रोजगार और व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा।
● इसके शुरू होने से देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 55% से बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाएगी।

लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे में 14 लंबे पुल, जिसमें हापुड़ में गंगा नदी पर 900 मीटर और बदायूं में रामगंगा पर 720 मीटर लंबा पुल शामिल हैं। इसके अलावा सात रेलवे ओवरब्रिज, 32 फ्लाई ओवर और 453 अंडर पास शामिल हैं।

संवाददाता ओम की रिपोर्ट

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594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे: 12 शहर, 36 हजार करोड़ का खर्च, 19 साल बाद हकीकत बनने जा रहे 2007 के सपने में क्या-क्या खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से इस ई-वे की शुरुआत किए जाने के बाद इसके अगले चरण में एक्सप्रेस-वे को और बढ़ाने की तैयारियां भी जारी हैं।

2014 बनाम 2025–26: तेज गति से बदलता हुआ भारत

राष्ट्रीय राजमार्ग:

2014 → 91,000 किमी
2026 → 1,46,000 किमी

एक्सप्रेसवे:

2014 → ~100 किमी
2026 → 2,400+ किमी

हवाई अड्डे:

2014 → 74
2026 → ~157

रेलवे नेटवर्क:

2014 → ~66,000 किमी
2026 → ~70,000 किमी

रेलवे विद्युतीकरण:

2014 → ~22,000 किमी
2026 → ~69,000 किमी

मेट्रो नेटवर्क:

2014 → ~250 किमी
2026 → ~900+ किमी

सड़क, एयरपोर्ट, मेट्रो और बिजलीकरण में तेज़ बदलाव

नया भारत: तेज़, कनेक्टेड और आधुनिक

उत्तर प्रदेश ने बीते कुछ वर्षों में हाईवे और एक्सप्रेस-वे का जाल तेजी से बिछा है। नोएडा और आगरा के बीच बने एक्सप्रेस-वे के बाद से राज्य में अब तक पांच एक्सप्रेस-वे अस्तित्व में आ चुके हैं। अब 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में छठवें एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन है।

● गंगा एक्सप्रेस-वे की नींव योगी सरकार के कार्यकाल में 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से रखी गई थी। हालांकि, इसकी परिकल्पना और जरूरत को लेकर पहली बार चर्चाएं 2000 के दशक में ही शुरू हो गई थीं।
● गंगा एक्सप्रेस-वे का विचार पहली बार 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती की तरफ से प्रस्तावित किया गया था।
● अगले करीब 12 साल तक इस प्रोजेक्ट पर कोई चर्चा तक नहीं हुई। इस बीच राज्य में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी सरकार ने नोएडा-आगरा एक्सप्रेस-वे को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया।
● 29 जनवरी 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को पुनर्जीवित किया। पर्यावरण के मानकों को पूरा करने के लिए, नए एक्सप्रेस-वे को गंगा नदी से 10 किलोमीटर की दूरी पर लगभग समानांतर बनाने की योजना तैयार की गई।
● गंगा एक्सप्रेस-वे भारत के सबसे लंबे और आधुनिक एक्सप्रेस-वे में से एक है।
● शाहजहांपुर के जलालाबाद में एक्सप्रेस-वे पर 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन हवाई पट्टी बनाई गई है।
● यह देश की पहली ऐसी हवाई पट्टी है जहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान दिन और रात दोनों समय सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ कर सकते हैं।
● बीते साल इस हवाई पट्टी पर राफेल, सुखोई 30-एमकेआई, मिराज-2000, एएन-32 और एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर की लैंडिंग और टेकऑफ का परीक्षण किया गया था।
● रास्ते में यात्रियों के लिए विश्राम स्थल, भोजनालय, पेट्रोल पंप और आपात स्थिति के लिए ट्रॉमा सेंटर जैसी सार्वजनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
● इसके दोनों ओर गंगा औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जिसमें आईटी पार्क, फार्मा पार्क और टेक्सटाइल पार्क बनेंगे, जिससे रोजगार और व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा।
● इसके शुरू होने से देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 55% से बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाएगी।

लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे में 14 लंबे पुल, जिसमें हापुड़ में गंगा नदी पर 900 मीटर और बदायूं में रामगंगा पर 720 मीटर लंबा पुल शामिल हैं। इसके अलावा सात रेलवे ओवरब्रिज, 32 फ्लाई ओवर और 453 अंडर पास शामिल हैं।

संवाददाता ओम की रिपोर्ट

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