Thursday, May 28, 2026

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मोहनलालगंज में जूट उत्पाद निर्माण का 14 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

विनय मिश्रा

मोहनलालगंज, लखनऊ। कस्बे के पाण्डेय कॉम्प्लेक्स में सोमवार को जूट उत्पाद निर्माण का 14 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम विधिवत रूप से दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी, लखनऊ द्वारा जननायक सुजीत पाण्डेय मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर महिलाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रस्ट के प्रबंधक डॉ. अजय पाण्डेय ‘सत्यम’ और बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी, लखनऊ के चेयरमैन रजनीकांत तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट भी वितरित की गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
अपने संबोधन में डॉ. अजय पाण्डेय ‘सत्यम’ ने कहा कि आज के समय में कौशल विकास ही रोजगार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित करते हैं। वहीं चेयरमैन रजनीकांत तिवारी ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम समन्वयक एवं समाजसेवी अवधेश साहू ने बताया कि संस्था का उद्देश्य सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है और यह प्रशिक्षण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी जया की देखरेख में कुल 35 प्रतिभागी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। आगामी 14 दिनों तक विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा जूट से विभिन्न उपयोगी और आकर्षक उत्पाद—जैसे बैग, सजावटी सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुएं—बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करते हैं, बल्कि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देते हैं।

International

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मोहनलालगंज में जूट उत्पाद निर्माण का 14 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

विनय मिश्रा

मोहनलालगंज, लखनऊ। कस्बे के पाण्डेय कॉम्प्लेक्स में सोमवार को जूट उत्पाद निर्माण का 14 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम विधिवत रूप से दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी, लखनऊ द्वारा जननायक सुजीत पाण्डेय मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर महिलाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रस्ट के प्रबंधक डॉ. अजय पाण्डेय ‘सत्यम’ और बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी, लखनऊ के चेयरमैन रजनीकांत तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट भी वितरित की गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
अपने संबोधन में डॉ. अजय पाण्डेय ‘सत्यम’ ने कहा कि आज के समय में कौशल विकास ही रोजगार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित करते हैं। वहीं चेयरमैन रजनीकांत तिवारी ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम समन्वयक एवं समाजसेवी अवधेश साहू ने बताया कि संस्था का उद्देश्य सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है और यह प्रशिक्षण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी जया की देखरेख में कुल 35 प्रतिभागी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। आगामी 14 दिनों तक विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा जूट से विभिन्न उपयोगी और आकर्षक उत्पाद—जैसे बैग, सजावटी सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुएं—बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करते हैं, बल्कि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देते हैं।

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